धर्मेश शुक्ला, लखीमपुर। नेपाल सीमा से सटा भारत का चौगुर्जी गांव कहने को तो चारों तरफ पानी से ही घिरा था लेकिन इस गांव के पास खुद के पीने के लिए साफ पानी आजादी के 70 साल बाद तक दूर की कौड़ी थी। गुरुवार को इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत सभी 109 परिवारों के लिए शुद्ध पेयजल आने लगा। इतना ही नहीं इस गांव के लिए आना जाना अब बहराइच के भरथापुर गांव के जैसे ही थी, केवल नाव के सहारे ही लोगों का आना-जाना होता था।
मगर अब यह कहानी अब पुरानी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुरोध पर यहां करीब पांच करोड रुपये की लागत से दो पेंटून पुल भी दे दिए जो लगभग बनकर तैयार हैं। नेपाल की कर्णली और मोहाना नदियों पर बने इनपुलों का उद्घाटन 26 जनवरी से पहले स्वयं डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल करेंगी। तो अब इस गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल चुकी है।
20 मिनट में तय होगा रास्ता
कुछ महीने पहले की ही बात है जब इस गांव तक पहुंचने के लिए नाव के जरिए दो से ढाई घंटे लगा करते थे लेकिन अब किसी को भी इस गांव तक पहुंचने में पेंटून पुल से कोई 20 मिनट ही लगेंगे। इतना ही नहीं लोक निर्माण विभाग के स्थानीय व प्रयागराज के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने इसको बेहद मजबूती से बनाया है तो इस पर छोटे वाहन, ट्रैक्टर ट्राली, लग्जरी कार, मोटरसाइकिल सब कुछ बहुत ही आसानी से गुजर सकते हैं और यह पूरा आवागमन अब कर्णाली नदी पर शुरू हो चुका है और जल्दी ही मोहाना नदी पर शुरू होने वाला है।
करीब साढे 500 की आबादी वाले इस गांव में ढाई सौ से अधिक मतदाता है और 109 परिवार जिनकी किस्मत इस कदर बदलेगी उन्होंने कभी सोचा ही नहीं था। अब इस चौगुर्जी गांव में वह सब कुछ है जो अन्य सामान्य गांवों में होता है।
मुख्यमंत्री का आभार, मोहाना और कर्णाली नदी पार भारत-नेपाल सीमा पर बसे चौगुर्जी गांव के 109 परिवारों के लिए 459.24 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से पेंटून पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, नदियों से घिरे इस गांव में लंबे समय से शुद्ध पेयजल संकट था, जिसे जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुरुवार को हर घर को नल द्वारा शुद्ध जल उपलब्ध कराकर पूरी तरह से समाधान किया गया है। - दुर्गा शक्ति नागपाल, जिलाधिकारी खीरी। |
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