केंद्र ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में भीड़ को उकसाने वाले मुख्य शख्स थे। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ को बताया कि वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हिंसा नियंत्रण में आ गई।
नटराज ने बेंच को बताया, “वह हिंसा को मुख्य रूप से उकसाने वाले थे। इस हिंसा में चार लोग मारे गए थे और 60 लोग घायल हुए थे। हिरासत आदेश में स्पष्ट संबंध दिखता है, इसमें स्पष्ट रूप से सोची-समझी रणनीति का इस्तेमाल किया गया है।”
उन्होंने कहा, “उनकी गिरफ्तारी के बाद आंदोलन और हिंसा नियंत्रण में आ गई। इसलिए यह साबित हो गया कि गिरफ्तारी का आदेश एक सटीक आदेश था जो उस स्थिति में उचित था।”
संबंधित खबरें [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/no-one-can-touch-the-aravallis-supreme-court-strikes-down-haryana-aravalli-zoo-safari-plan-article-2369243.html]Supreme Court Aravalli Case: “अरावली को कोई छू नहीं सकता”, SC ने हरियाणा की अरावली चिड़ियाघर सफारी योजना को खारिज किया अपडेटेड Feb 13, 2026 पर 8:22 AM [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/in-karnataka-a-daughter-killed-her-mother-on-suspicion-of-black-magic-by-strangulating-her-while-she-was-sleeping-article-2369075.html]Karnataka Crime News: “काला जादू“ के शक में बेटी ने की मां की हत्या, सोते समय घोंटा गला, आरोपी गिरफ्तार अपडेटेड Feb 13, 2026 पर 7:34 AM [/url]
[url=https://hindi.moneycontrol.com/india/seva-teerth-inaugration-13-february-prime-minister-office-will-change-after-78-years-new-pmo-is-a-unique-blend-of-culture-and-advanced-technology-article-2369041.html]Seva Teerth: 78 साल बाद बदलेगा का प्रधानमंत्री कार्यालय का पता, संस्कृति और एडवांस टेक्नोलॉजी का बेजोड़ मेल है नया PMO अपडेटेड Feb 12, 2026 पर 8:27 PM
विधि अधिकारी ने कहा कि वांगचुक की हिरासत के लिए इन सभी प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का सावधानीपूर्वक पालन किया गया है।
अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की है।
शीर्ष अदालत वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका), 1980 के तहत उनकी हिरासत को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी।
रासुका केंद्र और राज्यों को भारत की रक्षा के लिये हानिकारक कार्य करने से बचाने के लिये ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है। अधिकतम हिरासत अवधि 12 महीने है, हालांकि इसे पहले भी रद्द किया जा सकता है।
आंगमो ने कहा कि पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का किसी भी प्रकार से वांगचुक के क्रियाकलापों या बयानों से कोई संबंध नहीं जोड़ा जा सकता। |