मृतका लक्ष्मी पोखरिया व मृतक शुभम टम्टा का फाइल फोटो। सौ. स्वजन
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर पर 25 साल की उम्र तक 11 केस दर्ज हो चुके हैं। कोरोना काल यानी 2020 में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले अक्कू पर पहला केस मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और गालीगलौज को लेकर हुआ था। लेकिन सुधरने की बजाय वह लगातार आपराधिक घटनाओं में लिप्त होता चला गया। उस पर हत्या के प्रयास के अलावा आर्म्स एक्ट में केस दर्ज हो चुका है। चार साल पहले पुलिस ने उसे गैंगस्टर घोषित किया था।
पेशेवर अपराधी
बरेली रोड स्थित वसुंधरा कालोनी निवासी गौरव नेगी डबल मर्डर से पहले ही पेशेवर अपराधी बन चुका था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद सुधरने की बजाय फिर से उसका नाम किसी न किसी अपराध से जुड़ जाता था। ज्यादातर मामले मारपीट से जुड़े थे। चौंकाने वाली बात यह है कि उसका सारा आपराधिक रिकार्ड हल्द्वानी कोतवाली से ही जुड़ा था। इससे साफ है कि उसे स्थानीय पुलिस का भी ज्यादा डर नहीं था। अक्कू पर 2022 में सबसे ज्यादा चार केस दर्ज हुए थे।
वहीं, इस निर्मम हत्याकांड में शामिल दीपेश लटवाल मुखानी थाना क्षेत्र से जुड़े उत्तरांचल विहार का रहने वाला है। दीपेश पर इसी थाने में तीन केस दर्ज हुए हैं। उसने अक्कू से एक साल पहले ही अपराध की दुनिया में कदम रख लिया था। 2019 में उसके ऊपर पहला एनडीपीएस एक्ट के तहत पहला केस दर्ज हुआ था। 2023 में घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में भी दीपेश का नाम आया था।
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