गंगा एक्सप्रेस वे
जागरण संवाददाता, बदायूं। उप्र सरकार के दसवें बजट से आने वाले वित्तीय वर्ष में जिले के विकास को तेजी से रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इसमें सबसे अधिक मजबूती गंगा एक्सप्रेस-वे से मिलेगी। जिसके शुरू होने के बाद यहां औद्योगिक गलियारे बनाए जाने शुरू किए जाएंगे। सरकार ने बजट में भी पांच हजार करोड़ से नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जारी किए है।
इससे अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही जिले के तीनों इंटरचेंज के पास जमीनों का अधिग्रहण शुरू कर यहां औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना शुरू किया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस-वे का 95 किमी का हिस्सा जिले में हैं। इस पर जिले में तीन इंटरचेंज दिए गए हैं। यह तीनों इंटरचेंज बिनावर के घटपुरी, दातागंज के पापड़ और वजीरगंज के वनकोटा में दिए गए हैं।
इन तीनों इंटरचेंज पर ही औद्योगिक गलियारे प्रस्तावित है। जिसके लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है और अधिग्रहण का काम जारी है। गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालन शुरू होने के बाद औद्योगिक गलियारे में औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके लिए कंपनियों ने यहां आना भी शुरू कर दिया है। कुछ कंपनियों ने यहां इकाई लगाने के लिए आवेदन भी किए हैं।
दिल्ली, लखनऊ, मेरठ समेत अन्य बड़े शहरों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से यहां अन्य इकाइयों के आने की भी संभावनाएं बनी हुई हैं। जब बुधवार को प्रदेश सरकार ने बजट दिया तो इसमें नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने के लिए भी पांच हजार करोड़ रुपये रखे हैं। वहीं जिले के तीनों इंटरचेंज पर भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हुआ था। इसके साथ ही शासन से और जमीन बढ़ाने के लिए कहा था।
इसके बाद जिले से तीनों ही जगह का रिवाइज प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। बता दें कि औद्योगिक गलियारा की चर्चा शुरू होने के बाद से ही दिल्ली, मेरठ और अन्य जिलों से उद्यमियों ने अपने प्रतिनिधियों को भेज कर यहां उद्योग की संभावनाओं को तलाशा था। अब बजट में स्वीकृत हुई धनराशि के बाद यहां काम शुरू होगा तो और भी कंपनियां यहां आकर अपने उद्योग के लिए जमीन आदि देखना शुरू करेंगी।
क्षेत्र के लोगों को मिलेगा काम
जिले के तीन इंटरचेंज के आसपास औद्योगिक गलियारे बनाए जाने के बाद यहां कंपनियां आएंगी तो आसपास के लोगों को यहां काम मिलेगा। इससे उन्हें दूसरे राज्य या जिले में जाकर काम नहीं करना होगा। स्थानीय लोगों को घर से काम मिलने से आसपास के क्षेत्र में भी तेजी से विकास होगा। इससे जिले की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यह भी पढ़ें- Bareilly-Lalitpur Corridor: अब बरेली से झांसी का सफर होगा सुपरफास्ट, गंगा और यमुना एक्सप्रेस-वे का भी मिलेगा साथ
यह भी पढ़ें- CM Grid Project: बरेली की सड़कों पर अब नहीं लगेंगे झटके! 81 करोड़ के बजट से बिछेगा जाल |