Indian Renewable Energy Development Agency (IREDA) लिमिटेड अपने विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। कंपनी का बोर्ड 6 फरवरी, 2026 को एक अहम मीटिंग करेगा, जिसमें ₹2,994 करोड़ तक का फंड Qualified Institutions Placement (QIP) के जरिए जुटाने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इस फंड का इस्तेमाल ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ते प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने के लिए किया जाएगा, जो देश के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के अनुरूप है।

हालांकि, यह फंड जुटाने की योजना ऐसे समय आई है जब IREDA के शेयर में 2026 में अब तक 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को शेयर ₹129.50 के भाव पर बंद हुआ था। शेयरधारकों के लिए चिंता का विषय यह है कि अगर QIP बाजार भाव से डिस्काउंट पर जारी किया गया, तो मौजूदा शेयरधारकों के हितों पर असर पड़ सकता है और शेयर में और गिरावट आ सकती है। पिछले साल जून 2025 में IREDA ने ₹5,000 करोड़ का QIP लाया था, जिसके बाद शेयर में 2% की गिरावट आई थी और उसी साल शेयर 20% तक गिर गया था।
IREDA का वैल्यूएशन सेक्टर के दूसरे बड़े सरकारी लेंडर्स, Power Finance Corporation (PFC) और Rural Electrification Corporation (REC) की तुलना में काफी ज्यादा है। फरवरी 2026 की शुरुआत तक, IREDA का P/E रेश्यो लगभग 18.75 से 20.3 के बीच है, जबकि PFC का P/E रेश्यो लगभग 5.04 से 7.12 और REC का 5.5 से 5.78 के बीच है। IREDA की मार्केट कैप जनवरी 2026 में लगभग ₹371.58 बिलियन थी, वहीं PFC की मार्केट कैप करीब ₹1.30 लाख करोड़ और REC की करीब ₹0.98 लाख करोड़ थी।
इसके बावजूद, IREDA ने Q3 FY25 में शानदार नतीजे पेश किए थे। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 35.6% बढ़कर ₹1,698.45 करोड़ रहा, वहीं नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 26.77% बढ़कर ₹425.37 करोड़ हो गया। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन में थोड़ी गिरावट आई और कंपनी का डेट-इक्विटी रेश्यो बढ़कर 5.89 गुना हो गया, जो उच्च लेवरेज को दर्शाता है।
सरकार का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर मजबूत फोकस जारी है। यूनियन बजट 2026 में मिनिस्ट्री ऑफ रिन्यूएबल एनर्जी के लिए लगभग ₹32,914.67 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले साल से 30.1% ज्यादा है। यह देश में क्लीन एनर्जी, स्टोरेज, ग्रिड मॉडर्नाइजेशन और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे पहलों को बढ़ावा देगा।
विश्लेषकों का IREDA पर मिला-जुला नज़रिया है। कंसेंसस रेटिंग 'Buy' की ओर झुकी हुई है, और उनका अनुमानित 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹173.00 से ₹191.33 के बीच है, जो मौजूदा स्तरों से 35-47% तक का अपसाइड दिखा सकता है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने स्टॉक को डाउनग्रेड भी किया है, और एक AI मॉडल ने 38% तक के डाउनसाइड की संभावना जताई है।
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