इलाहाबाद हाई कोर्ट की फाइल फोटो।
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वदेशी काटन मिल श्रमिक बस्ती पार्क नैनी, प्रयागराज के स्वामित्व तथा रखरखाव की जिम्मेदारी व उचित उपयोग की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) को जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि पार्क का उपयोग प्रदर्शनी, मेले जैसे आयोजन कर आर्थिक लाभ के लिए नहीं किया जाए। इस संबंध में 25 मार्च तक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
हाई कोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने मयंक कुमार यादव की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में मांग की गई है कि पार्क में प्रदर्शनी, मेला आदि आयोजन के संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस निर्देश का पालन किया जाए, जिसमें रोक लगी है।
पार्क की भूमि श्रम विभाग के स्वामित्व में बताया गया
पुलिस कमिश्नरेट ने बताया है कि पार्क की भूमि श्रम विभाग के स्वामित्व में है। उसके उपयोग की अनुमति का अधिकार उसको ही है। नगर निगम ने पार्क के सौंदर्यीकरण,ओपन जिम,पर निर्माण आदि पर धन व्यय किया है। पुलिस कमिश्नरेट से अनुमति मांगी गई थी जो दी गई है। श्रम विभाग ने कहा है कि पार्क पर उसका स्वामित्व है, किंतु राजस्व अभिलेख में विभाग का नाम दर्ज नहीं है। मेले, प्रदर्शनी आयोजन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पार्क का रखरखाव नगर निगम द्वारा किया जाता है। विभाग की संपत्ति के सर्वेक्षण के लिए समिति गठित की गई है।
कोर्ट ने पार्क की स्थिति की जानकारी मांगी थी
कोर्ट ने कहा जब भी कोई व्यक्ति भूमि का उपयोग करना चाहता है, उसकी अनुमति दी जाती है। यह दावा स्वीकार्य नहीं है। इसलिए जिलाधिकारी जांच कर रिपोर्ट पेश करें। इससे पहले कोर्ट ने पार्क की स्थिति की जानकारी मांगी थी। इस पर यह जानकारी दी गई है।
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