पिपराइच चीनी मिल। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सल्फरलेस चीनी का उत्पादन करने वाली पिपराइच चीनी मिल आने वाले दिनों में एथेनाल का भी उत्पादन करेगी। इसके लिए चीनी मिल में डिस्टिलरी स्थापित की जाएगी। बुधवार को योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी गई है।
इस डिस्टिलरी की उत्पादन क्षमता 120 किलो लीटर प्रति दिन होगी। हालांकि पूर्व के दो बजट में भी रकम की व्यवस्था की गई थी। एथेनाल उत्पादन होने से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान और त्वरित हो सकेगा। साथ ही आसपास के युवओं को राेजगार भी मिलेगा।
पिपराइच में 1932 में एक निजी क्षेत्र की चीनी मिल लगाई गई थी। 1974 में उसका अधिग्रहण हुआ और कुछ वर्षों तक चलने के बाद मिल 1999 में बंद हो गई। बंद मिलों को चलाने के लिए बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ हमेशा आवाज उठाते रहे। पर, तत्कालीन सरकारें इस जनसरोकारी मुद्दे पर आंख मूंदे रहीं।
2017 में सूबे की कमान संभालने के साथ ही योगी ने बंद मिल के परिसर में ही नई चीनी मिल की घोषणा कर किसानों का दिल जीत लिया। 17 नवंबर, 2019 को उन्होंने रिकार्ड अवधि में मिल लगवाकर पेराई सत्र का शुभारंभ भी कर दिया। यह मिल गन्ने से चीनी बनाने के साथ ही उसके बाई प्रोडक्ट से बिजली भी पैदा करती है।
मुख्यमंत्री ने नौ दिसंबर, 2020 को पिपराइच चीनी मिल में सल्फरलेस चीनी प्लांट का भी लोकार्पण कर इसे माडल मिल के रूप में पहचान दी। इस मिल की क्षमता प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की है, जो पुरानी चीनी मिल से छह गुणा अधिक है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पिपराइच चीनी मिल में डिस्टिलरी लगाने की बात भी की थी। अब वह भी पूरा कर दिया। बुधवार को प्रदेश सरकार के बजट में एक बार फिर 120 किलो लीटर प्रति दिन की क्षमता वाले डिस्टिलरी प्लांट के लिए रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे चीनी मिल में गन्ने के रस से सीधे एथेनाल बनाने वाले प्लांट की स्थापना की जा सकती है।
पूर्व में भी जारी बजट के बाद निकला था टेंडर
प्रदेश सरकार एथेनाल प्लांट के लिए लगातार तीसरी बार बजट जारी की है। वर्ष 2024-25 में जारी बजट में कार्ययोजना बनी। किन्हीं कारणों से धरातल पर नहीं उतर सकी। फिर वर्ष 2025-26 में जारी बजट में 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। साल भर में तीन बार टेंडर भी निकला, लेकिन प्लांट चालू नहीं हो सका।
बाद में उच्चाधिकारियों ने चीनी की उत्पादकता की कमी को देखते हुए एथेनाल बनाने में मोटे आनाज को भी शामिल किया। तब तक समय बीत गया। एक बार फिर वर्ष 2026-27 के बजट में एथेनाल प्लांट के लिए बजट जारी हुआ है। इससे किसानों और युवकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
पिपराइच चीनी मिल ने 35.54 लाख कुंतल गन्ने की पेराई की
उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की पिपराइच इकाई में चालू पेराई सत्र के लगभग तीन माह में 35 लाख 54 हजार कुंतल गन्ने की पेराई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। मिल प्रशासन के अनुसार पेराई किए गए गन्ने का कुल मूल्य 139 करोड़ 17 लाख रुपये आंकलन किया गया है।
इसमें से 129 करोड़ 44 लाख 75 हजार रुपये यानी करीब 93 प्रतिशत भुगतान किसानों को किया जा चुका है। प्रधान प्रबंधक नवदीप शुक्ला ने बताया कि किसानों के हित में भुगतान प्रक्रिया तेज की गई है। इस सत्र में मिल को 137 लाख 93 हजार क्विंटल गन्ना आवंटित है।
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बोले किसान
प्रदेश सरकार की नीतियों से क्षेत्र के गन्ना किसानों में हर्ष है। चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर हो रहा है, जिससे आर्थिक मजबूती मिली है। बोआई से जुड़ी सुविधाएं मिलने से किसानों का उत्साह भी बढ़ा है। एथेनाल प्लांट लगने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। -जय सिंह, किसान
सरकार द्वारा बजट में किसानों को दी गई सुविधाएं संतोषजनक है। बजट में भरपूर धन मिलने से मिल प्रबंधन का समय-समय पर सहयोग मिल रहा है। मिल में डिस्टिलरी स्थापना की स्वीकृति से क्षेत्र में रोजगार बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। -अष्टभुजा तिवारी, किसान
पांच एकड़ में गन्ने की खेती करते है। सरकार द्वारा बजट में मूल्य वृद्धि से किसानों को नई ऊर्जा मिलेगी। कीटनाशक पर अनुदान, कृषि यंत्र किराये पर उपलब्धता, उन्नत बीज वितरण और सहफसली खेती हेतु मुफ्त बीज जैसी योजनाएं लाभकारी साबित हाेंगी। -रवि कुमार सिंह, किसान
प्रदेश सरकार के बजट में गन्ना किसानों के लिए और बेहतर व ठोस प्रावधान होने चाहिए। बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य कम से कम 400 रुपये क्विंटल किया जाना चाहिए। लेकिन, सरकार ने मात्र 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।-वीरेंद्र सिंह, किसान |
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