हमास के मॉड्यूल का भंडाफोड़। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल के खिलाफ काम करने वाला आतंकी संगठन हमास की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। ये संगठन अब यूरोप में हमला करने की तैयारी कर रहा है। वह धीरे-धीरे पूरे यूरोप में पैर पसार रहा है। इटली के बाद जर्मनी में एक लेबनानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
शुरुआती जांच में इस संगठन के पहली बार यूरोप में यहूदी और इजरायली ठिकानों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब इटली में दिसंबर 2025 में हमास की फंडिंग से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा यूरोपीय मामला उजागर हुआ।
चैरिटी फंडिंग का भंडाफोड़
इटली में 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था और इनसे पूछताछ में हमास से जुड़ी चैरिटी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ था। इससे पहले नीदरलैंड्स और डेनमार्क में हमास से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा ऑस्ट्रिया समेत कुछ दूसरे यूरोपीय देशों में भी हथियार भंडारण और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
क्या है नया मॉड्यूल?
यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमास ने यूरोप में मल्टी-लेयर और खतरनाक मॉड्यूल तैयार किया है। यह मॉड्यूल इस तरह से तैयार किया गया कि किसी एक की गिरफ्तारी, संगठन पर प्रतिबंध या फिर बैंक अकाउंट फ्रीज करने पर पूरा नेटवर्क निष्क्रिय नहीं होता है। जांच में पाया गया कि पहचान बदली गई और संगठन भी बदले गए लेकिन नेटवर्क वही रहा।
एजेंसियों का मानना है कि बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और ऑनलाइन अभियानों का फायदा उठाकर चरमपंथी नेटवर्क ने अपनी गतिविधियों को बढ़ाया। कई गिरफ्तार या संदिग्ध व्यक्ति कई सालों से यूरोप में रह रहे हैं। इनमें से कुछ शरणार्थी के रूप में भी रह रहे।
कैसे काम करता है ये नेटवर्क?
- हमास का ये नेटवर्क तीन लेयर में काम करता है। पहली लेयर में- मानवीय सहायता, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के नाम पर चलने वाले संगठन हैं, जो नेटवर्क को वैध सामाजिक आधार देते हैं।
- दूसरी लेयर में- सीमित लोगों का कोर नेटवर्क है, जो फंड ट्रांसफर, अंतरराष्ट्रीय संपर्क और रणनीतिक समन्वय संभालता है।
- तीसरी और सबसे संवेदनशील लेयर में- ऐसे सेल शामिल हैं, जो जरूरत पड़ने पर लॉजिस्टिक, हथियारों की व्यवस्था और हमलों की तैयारी में भूमिका निभाता है।
इटली में चैरिटी से जुटाए करोड़ों रुपये तो जर्मनी में गोला-बारूद
इटली के चैरिटी संगठनों के जरिए करीब 75.4 करोड़ रुपये हमास को पहुंचाए गए। इसमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा फंड मानवीय मदद के नाम पर इकट्ठा किया गया और आतंकी नेटवर्क को भेजा गया। इस कार्रवाई में 8 मिलियन यूरो से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई।
जर्मनी में गिरफ्तार आरोपी हमास का सक्रिय सदस्य था और उसने यूरोप में हमले की योजना के तहत गोला-बारूद की व्यवस्था में भूमिका निभाई थी। वह उन संदिग्धों के संपर्क में था जिन्हें पहले ही हथियारों के लेनदेन के दौरान पकड़ा जा चुका है।
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