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गणतंत्र दिवस पर दिल्ली अभेद किले में तब्दील: चप्पे-चप्पे पर एंटी-ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ्ट गन और स्नाइपर्स तैनात

LHC0088 2026-1-25 22:27:42 views 762
  

गणतंत्र दिवस पर राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत रिंग रोड पर माॅडल टाउन के पास तैनात अर्धसैनिक बल के जवान। हरीश कुमार



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर राजधानी को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है। कर्तव्य पथ से लेकर दिल्ली की सीमाओं तक सुरक्षा के व्यापक और बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं। जमीन, आसमान और जलमार्ग तीनों स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
हवाई खतरे से तुरंत निपटा जा सके

कर्तव्यपथ और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा की छह स्तरीय व्यवस्था लागू की गई हैं। परेड रूट की बाहरी सुरक्षा परत में करीब 15 हजार जवान तैनात किए गए हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस, अतिरिक्त रिजर्व पुलिस कंपनियां, क्विक रिस्पांस टीम, स्वाट कमांडो, बम निरोधक दस्ता, जांच टीमें और ट्रैफिक पुलिस के जवान शामिल हैं। कर्तव्यपथ पर एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ एंटी-एयरक्राफ्ट गनों की भी तैनाती की गई हैं, ताकि किसी भी हवाई खतरे से तुरंत निपटा जा सके।
सभी सीमाओं पर लगे बैरिकेड्स खड़े

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली की सभी सीमाओं पर लगे बैरिकेड्स पर स्थानीय पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात कर दिया गया है। राजधानी में प्रवेश करने वाले हर वाहन और व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। राष्ट्रपति भवन से लेकर पूरे परेड मार्ग तक रणनीतिक स्थानों पर अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल लिया है।

सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली आतंरिक सुरक्षा परत में तीनों सेनाओं के जवान, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) के कमांडो और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के विशेष अधिकारी तैनात किए गए हैं। ये जवान वीवीआईपी अतिथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके आसपास की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
रात से ही ही ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स तैनात

सुरक्षा को और पुख्ता करते हुए रविवार रात से ही नई दिल्ली और पूरे परेड रूट के आसपास की सौ से अधिक ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस ने किसी भी प्रकार की उड़ने वाली वस्तु पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। हाई-टेक निगरानी के तहत कैमरों के सामने से गुजरने वाले हर व्यक्ति को स्कैन किया जा रहा है और उसकी फीड तुरंत कंट्रोल रूम तक भेजी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल मिल सके।

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