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जागरण संवाददाता, बहराइच। जिले के पशुपालकों और किसानों के लिए अच्छी खबर है। चारे की किल्लत को दूर करने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चारा नीति 2025-26 के तहत नैपियर घास (रूट स्लिप) उत्पादन की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत न केवल किसानों को नैपियर घास की जड़ें मुफ्त दी जाएंगी, बल्कि खेती की तैयारी और खाद आदि के लिए नकद अनुदान भी मिलेगा।
इस योजना का लाभ पंजीकृत गोशालाओं, गो-आश्रय स्थलों के साथ-साथ इच्छुक प्रगतिशील किसान और पशुपालक भी उठा सकते हैं। लाभार्थी के पास कम से कम 0.2 हेक्टेयर सिंचित भूमि होनी चाहिए। चयनित लाभार्थियों को प्रथम वर्ष में नैपियर घास की जड़ें, गांठें पूरी तरह निश्शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
दो किस्तों में होगा भुगतान
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय मदद का भी प्रावधान है। 0.2 हेक्टेयर भूमि में जड़ें उगाने, खेत की तैयारी और खाद आदि के लिए सरकार की ओर से 20000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान सहायता दी जाएगी। यह राशि लाभार्थी के खाते में दो किस्तों में भेजी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड की छायाप्रति, भूमि के स्वामित्व का प्रमाण (खसरा-खतौनी) और बैंक खाते का पूर्ण विवरण आदि के दस्तावेज लगाने होंगे।
चारा संकट को दूर करने के लिए नैपियर घास एक बेहतरीन विकल्प है। शासन द्वारा शुरू की गई योजना से पशुपालक लाभ ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए पशु चिकित्सालय या जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में जानकारी ले सकते हैं। - डॉ. राजेश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बहराइच |
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