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नोएडा हादसे से भी नहीं सीखा सबक, मेरठ में प्रशासन की ये बड़ी लापरवाही पड़ सकती है भारी

cy520520 2026-1-24 13:58:18 views 500
  

से हाल है स्मार्ट कैंट के आबूनाले का सड़क तक धंसी पीपी कांफेंस के पास   ---जागरण






जागरण संवाददाता, मेरठ। शहर में प्रशासनिक अनदेखी की जो तस्वीर सामने आई हैं, वह किसी बड़े हादसे को दावत दे रही हैं। गत दिनों कोहरे के दौरान नोएडा में हुए हादसे से कोई सबक नहीं लिया गया है। पूरा सिस्टम गहरी नींद में सोया हुआ है।

शहर में दीवार टूटने व मिट्टी कटने से सड़क किनारे खुले नाले और बिना रेलिंग का रजवाहा किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यह संसाधनों की कमी नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का अभाव है। नोएडा की घटना को लेकर लोग यह कहने लगे हैं कि मेरठ को भी वादों की नहीं, इन खुले खतरों से सुरक्षा की जरूरत है।

  

दैनिक जागरण की पड़ताल में ऐसे खुले खतरे सामने आए हैं। कैंट क्षेत्र में दास मोटर्स की लाइन में आबूनाले की दीवार टूट गई है। किनारे की मिट्टी धीरे-धीरे कट रही है। जिससे सड़क भी धंस रही है। सड़क का काफी किनारा कट गया है।

बेगमपुल चौराहे से यह सड़क हनुमान चौक वाली सड़क को लिंक करती है।इससे कैंट बोर्ड कार्यालय वाली सड़क पर भी पहुंचते हैं। इसलिए वाहन इस पर बड़ी संख्या में चलते हैं। दो बार यहां कार नाले गिर चुकी है। इसके बाद भी कैंट बोर्ड ने नाले की दीवार नहीं बनवाई।

घंटाघर जहां पर एसपी सिटी का कार्यालय है। ठीक सामने कई महीने से नाले का एक बड़ा चौड़ा हिस्सा सड़क किनारे खुला पड़ा है। आते-जाते वाहनों का इसमें फंसकर पलटने का खतरा बना हुआ है, लेकिन कुछ ही दूरी पर निगम कार्यालय में बैठने वाले नगर निगम अधिकारियों को यह खतरा नजर नहीं आ रहा है।

बात दिल्ली रोड पर मोहकमपुर बस्ती वाले मोड़ की करें तो सड़क किनारे नाले की मिट्टी लगातार कटने से काफी चौड़ा कटान हो गया है। तेज रफ्तार वाहन निकलते हैं। जरा सी चूक वाहन चालक पर भारी पड़ सकती है। लेकिन नगर निगम की नींद नहीं टूट रही है। हादसों को दावत देते इन स्थानों पर न तो संकेतक लगे हैं और न ही बेरीकेडिंग है।

रजवाहे में आए दिन गिर रहे वाहन, फिर भी रेलिंग नहीं
बिजली बंबा बाइपास रोड पर आए दिन वाहन रजवाहे में गिर रहे हैं। रजवाहे किनारे रेलिंग न होने से ये स्थिति बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग की सड़क है। सड़क सुरक्षा के इंतजाम नदारद है। ट्रैफिक पुलिस के रजिस्टर इस रोड पर होने वाले हादसों से भरे पड़े हैं। स्ट्रीट लाइट भी नहीं जलती है। अंधेरा और कोहरा दोनों हादसे की वजह बन रहे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही हैं।


आबूनाले किनारे की टूटी दीवार वाले हिस्से में बैरीकेडिंग कराई जाएगी। निर्माण शाखा की टीम भेजी जाएगी। अन्य स्थानों को भी दिखवा लिया जाएगा। -जाकिर हुसैन, सीइओ कैंट बोर्ड।

नगर निगम क्षेत्र में ऐसे स्थानों को चिह्नित करने का निर्देश अवर अभियंताओं को दिया गया है। दीवार बनाने और नाला कच्चा है तो वहां पर मिट्टी का भरान कराया जाएगा। -प्रमोद कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम।

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