search
 Forgot password?
 Register now
search

यूपी में खरीफ फसलों के एमएसपी में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सिफारिश, किसानों को मिलेगा अधिक मूल्य

Chikheang 2 hour(s) ago views 405
  

कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई मूल्य परामर्शदात्री समिति की बैठक। सांकेतिक तस्वीर



राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। खरीफ सत्र 2026-27 में किसानों को अपनी फसलों का इस बार से अधिक मूल्य मिलने की उम्मीद है। प्रदेश की मूल्य परामर्शदात्री समिति ने खरीफ की 10 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में पांच से 10 प्रतिशत तक की बढाेतरी की संस्तुति की है। समिति की ओर से इसका प्रस्ताव रत सरकार को भेजा गया है।  

शुक्रवार को विधान भवन में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में मूल्य परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें अगले खरीफ सीजन को विभिन्न फसलों के लिए मूल्यों के निर्धारण पर विचार किया गया। इनमें धान ग्रेड-ए, धान सामान्य, ज्वार, मक्का, उड़द, अरहर, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन और तिल शामिल हैं।

कृषि मंत्री द्वारा इन सभी फसलों के लिए प्रस्तावित मूल्यों की संस्तुति भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके। सूत्रों के अनुसार समिति ने ज्यादातर फसलों के एमएसपी में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की संस्तुति की है। इस बार के खरीफ सीजन में सामान्य धान के लिए 2369, ग्रेड ए धान के लिए 2389, बाजरा के लिए 2775, मक्का के लिए 2400 और ज्वार हाईब्रिड के लिए 3699 व ज्वार मालदांडी के लिए 3749 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी निर्धारित था।

बैठक में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह आदि शामिल थे।



कम आपूर्ति करने वाली उवर्रक कंपनियों पर होगी एफआइआर
कृषि मंत्री ने उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर भी बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित प्राथमिकता लक्ष्य के बराबर आपूर्ति न करने वाली उर्वरक कंपनियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। बताया गया कि वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 12 से 13 यूरिया रैक प्राप्त हो रही हैं।

एक अक्टूबर से अब तक लगभग 1.02 करोड़ किसानों ने 50.93 लाख टन उर्वरक प्राप्त किया है। वर्तमान में 7.23 लाख टन यूरिया, 4.35 लाख टन डीएपी और 3.69 लाख टन एनपीके उपलब्ध है।

सहकारिता के क्षेत्र में 2.07 लाख टन यूरिया और 1.79 लाख टन डीएपी का स्टाक है, जबकि निजी बिक्री केंद्रों पर भी 5.16 लाख टन यूरिया और 2.56 लाख टन डीएपी की उपलब्धता है। मंत्री ने दावा किया कि सभी जिलों में किसानों की मांग के हिसाब से उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
156743

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com