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PHOTOS: गोरखपुर में हवाई हमले का ब्लैकआउट अभ्यास, लड़ाकू विमानों की बमबारी से दहल उठा तारामंडल

LHC0088 1 hour(s) ago views 460
  

नागरिक सुरक्षा कोर के तत्वावधान में एनेक्सी भवन में आयोजित ब्लैक आउट माकड्रील के दौरान घायलों को बचाते एसडीआरएफ के जवान। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। तारामंडल क्षेत्र में शाम छह बजे अचानक चारों तरफ अंधेरा छा गया। लोग बिजली कटने का कारण समझ रहे थे, तभी नागरिक सुरक्षा का सायरन पूरे इलाके में गूंज उठा। वार्डेन सड़कों पर निकल आए और अनाउंसमेंट सिस्टम से अपील करने लगे कि दुश्मन देश के हमले की सूचना है, सभी लोग अपने घरों की लाइट बंद कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं। अचानक बने इस भयावह माहौल से लोग सहम गए।

इसी बीच शाम 6:55 बजे दुश्मन देश के लड़ाकू विमान (जगुआर) द्वारा महंत दिग्विजयनाथ पार्क के ऊपर से बमबारी करते हुए गुजरा। तेज धमाकों से पूरा क्षेत्र दहल उठा। अंधेरे में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नागरिक सुरक्षा के वार्डेन, पुलिस जवान, अग्निशमन और आपात सेवा कर्मी मौके पर पहुंच गए।

  

नागरिक सुरक्षा कोर के तत्वावधान में एनेक्सी भवन में आयोजित ब्लैक आउट माकड्रील के दौरान घायलों को बचाते एसडीआरएफ के जवान। जागरण

  

लोगों से खुले मैदान में पहुंचकर जमीन पर लेटने और कान बंद रखने की अपील की गई। तभी 6:58 बजे एक बार फिर लड़ाकू विमान ने हमला कर दिया। दोबारा बमबारी से चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। कई लोग घायल हो गए और मदद की गुहार लगाने लगे। वार्डेन और पुलिस कर्मी घायलों को स्ट्रेचर पर लादकर महंत दिग्विजयनाथ पार्क, सर्किट हाउस और एनेक्सी भवन की ओर ले गए।

वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, जबकि गंभीर घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। एनडीआरएफ की टीम ने आपातकालीन बिजली व्यवस्था बहाल की, जिससे इलाके में रोशनी हुई। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने जगह-जगह लगी आग को बुझाना शुरू किया।

  

नागरिक सुरक्षा कोर के तत्वावधान में एनेक्सी भवन में आयोजित ब्लैक आउट एयर रेड माकड्रील में बचाव के तरीकों का प्रदर्शन करते जवान। जागरण

तभी अचानक सूचना मिली कि पार्क में एक बम पड़ा है, जो कभी भी फट सकता है। सूचना मिलते ही पूरे इलाके को घेर लिया गया। बम निरोधक दस्ते का कर्मचारी मौके पर पहुंचा और बम का फ्यूज निकालकर उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि यह किसी असली हमले की घटना नहीं थी।

यह हवाई हमले से बचाव के लिए शुक्रवार की शाम छह बजे दिग्विजयनाथ पार्क में किया गया ब्लैकआउट (प्रकाश प्रतिबंध) अभ्यास था। इस अभ्यास के दौरान संवेदनशील क्षेत्र को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था। नागरिक सुरक्षा द्वारा विभिन्न विभागों के साथ मिलकर आपात स्थिति में बचाव, राहत और समन्वय की तैयारियों को परखा गया।

  

नागरिक सुरक्षा कोर के तत्वावधान में एनेक्सी भवन में आयोजित ब्लैक आउट माकड्रील के दौरान घायलों को बचाते एसडीआरएफ के जवान। जागरण

  

ब्लैकआउट का उद्देश्य यह था कि संभावित हवाई हमले की स्थिति में दुश्मन के पायलट आबादी वाले क्षेत्र की पहचान न कर सकें। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने एनेक्सी भवन में मकान में फंसे लोगों को बचाने के लिए अभ्यास किया। इस आयोजन में महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी राजकरन नय्यर सहित प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अभ्यास को सफल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे अभ्यास नियमित रूप से कराने की बात कही।

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वर्ष 1971 में हुआ था वास्तविक ब्लैकआउट
ब्लैकआउट माकड्रील का आयोजन करने वाले नागरिक सुरक्षा कोर के चीफ वार्डेन डा. संजीव गुलाटी ने बताया कि 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान शहर में वास्तविक ब्लैकआउट हुआ था। तब से इसका अभ्यास नहीं हुआ था। करीब पांच दशक बाद योगी सरकार के निर्देश पर 29 अप्रैल 2022 को नागरिक सुरक्षा द्वारा इसका अभ्यास किया गया था। दो वर्ष बाद वर्ष 2024 से लगातार अभ्यास किया जा रहा है। जिसमें नागरिक सुरक्षा कोर के समस्त वार्डेन, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभाग के कर्मचारी शामिल होते हैं।

  

नागरिक सुरक्षा कोर के तत्वावधान में दिग्विजय नाथ पार्क में आयोजित ब्लैक आउट माकड्रील के दौरान मीडिया से बात करते जिलाधिकारी साथ में एसएसपी। जागरण

वार्डेन ने बनाए थे छोटे-छोटे घर
दिग्विजयनाथ पार्क में माकड्रील के पहले नागरिक सुरक्षा कोर के वार्डेन ने आधा दर्जन से अधिक बोरे के छोटे-छोटे घर बनाए थे। लड़ाकू विमान के ऊपर से गुजरते ही नीचे पटाखे छोड़े गए। घरों में आग लगाए गए। जिसके बाद माकड्रील में शामिल नागरिक सुरक्षा कोर, एनडीआरएफ, अग्नीशमन और स्वास्थ्य विभाग की टीमे अपने-अपने काम में जुट गई। एक घंटे के लिए पूरी घटना सही की लगी। लेकिन सात बजे जब दोबारा सायरन बजा और कहा गया कि माकड्रील संपन्न हुआ और बिजली विभाग की तरफ से आपूर्ति बहाल करने के बाद अंधेरा भी समाप्त हो गया।
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