फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। राउरकेला में पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही सामने आई है, जिसने यातायात नियमों के क्रियान्वयन और ऑनलाइन चालान प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के ओरमपाड़ा निवासी रत्नाकर बल उस समय दंग रह गए, जब घर के गैरेज में खड़ी उनकी नई कार का 2000 रुपये का चालान उनके मोबाइल पर आ गया। हैरानी की बात यह है कि इस चालान में तस्वीर एक ट्रक की लगी हुई है। रत्नाकर बल की कार का नंबर OD-14 AL-3356 है। बुधवार शाम उनके पास मैसेज आया कि दोपहर 1:30 बजे जमुनानाकी इलाके में यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण उन पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रत्नाकर ने जब चालान लिंक खोलकर देखा, तो उसमें एक ट्रक की फोटो लगी थी। ध्यान से देखने पर पता चला कि जिस ट्रक की तस्वीर चालान में है, उसका नंबर संभवतः 3355 पर समाप्त होता है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस या परिवहन विभाग की टीम ने जमुनानाकी में गश्त के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले ट्रक की फोटो तो ली, लेकिन सिस्टम में एंट्री करते समय ट्रक के नंबर की जगह रत्नाकर की कार का नंबर (3356) दर्ज कर दिया गया। जिस समय यह कथित उल्लंघन हुआ, रत्नाकर बल अपने घर पर थे और उनकी कार पूरी तरह सुरक्षित गैरेज में खड़ी थी। विभाग की इस तकनीकी चूक और मानवीय लापरवाही के कारण आम जनता में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बिना वाहन की श्रेणी (Category) और नंबर का मिलान किए चालान जारी करना सीधे तौर पर आम नागरिकों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करना है। इस तरह की गड़बड़ियों से ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ रहा है। |