चित्रकूट में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अभियुक्त कल्लू के घर के बाहर ग्रामीणों व स्वजन की भीड़। जागरण
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। चित्रकूट में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया प्रयागराज का कल्लू उर्फ बेटू उर्फ साहिबे इमान छह साल पहले हत्या के मामले में जेल गया था। उसने अपने ही गांव कटरा उभारी में रहने वाले रज्जाक को परिवार वालों संग लाठी-डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। मृतक रज्जाक के बेटे अरबाज ने कल्लू समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। तब घूरपुर थाने की पुलिस ने कल्लू सहित कई अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत मिलने के बाद सभी अभियुक्त सलाखों से बाहर आ गए।
घरवाले कुछ बताने से कर रहे थे परहेज
शुक्रवार सुबह घरवालों को कल्लू के मारे जाने और उसके साथी इरफान अंसारी के घायल होने का पता चला तो वह हक्का-बक्का रह गए। थोड़ी देर बाद उसके घर पर लोगों की भीड़ जुट जुट गई। कल्लू का अब्बा मकसूद अब्बासी घर के बाहर निकला फिर कई घंटे तक वापस नहीं आया। मकान में छोटी बेटी के अलावा गांव की अन्य महिलाएं थीं, जो आपस में बातचीत करती रहीं, लेकिन किसी को कुछ बताने से परहेज कर रही थीं।
हत्याकांड में कल्लू व कई स्वजन जेल गए थे
घूरपुर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि सिकंदरा बहरिया निवासी रज्जाक अपने परिवार के साथ कटरा उभारी गांव में रहता था। जुलाई 2020 में किसी बात को लेकर उसका कल्लू के परिवार वालों से झगड़ा हुआ था। तब रज्जाक पर लाठी-डंडे से पीटा गया था, जिसकी मौत हो गई थी। उस हत्याकांड में कल्लू, उसके अब्बा मकसूद सहित परिवार के कई अन्य सदस्य जेल गए थे। कुछ साल बाद सभी जमानत पर से बाहर आए। उधर, पुलिस मुठभेड़ में गोली से जख्मी इरफान अंसारी के खिलाफ घूरपुर थाने में कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है।
कई साल पहले कल्लू गया था चित्रकूट
ग्रामीणों का कहना है कि मकसूद के पांच बेटों में कल्लू तीसरे नंबर का था। वह कई साल पहले चित्रकूट गया था। इसके बाद इरफान अंसारी के साथ बक्शा, आलमारी बनाने का काम करने लगा था। कभी-कभार ही घर आया करता था। उसका निकाह नहीं हुआ था। कल्लू की मौत के बाद परिवार वालों ने ग्रामीणों से दूरी भी बना ली। कहा जा रहा है कि घरवाले कल्लू का शव लेने के लिए शुक्रवार को चित्रकूट नहीं पहुंचे।
एसआरएन अस्पताल में चल रहा इरफान का इलाज
पुलिस मुठभेड़ में गोली से घायल इरफान अंसारी का स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी सुरक्षा में इंस्पेक्टर निशिकांत राय सहित कई पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया घूरपुर थाना क्षेत्र के कटरा उभारी गांव निवासी आफताब अंसारी का बेटा इरफान करीब 15 साल पहले बरगढ़ चित्रकूट गया। इसके बाद अशोक केसरवानी के मकान में किराए पर कमरा लेकर आलमारी बक्शा बनाने का काम करने लगा।
मुहल्ले में मच गई खलबली
इमरान के साथ उसका भाई नौशाद भी रहता है। शुक्रवार को पुलिस एनकाउंटर में उसके घायल होने का पता चला तो परिवार से लेकर मुहल्ले वालों में खलबली मच गई। कुछ गांव वालों का कहना था कि इरफान ने बरगढ़ में खुद का भी पक्का मकान बनवा लिया है। इरफान के भी पांच भाई हैं, जिसमें तीन गांव में रहते हैं। दो छोटे हैं, जो पढ़ाई करते हैं।
क्या कहते हैं डीसीपी यमुनानगर
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव का कहना है कि चित्रकूट पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया कल्लू मूलरूप से घूरपुर थाना क्षेत्र के कटरा उभारी का निवासी था। इसी गांव का दूसरा आरोपित इमरान भी है, जो कई साल से चित्रकूट में रह रहा है। |
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