उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ की गई शिलापट्ट। जागरण
संवाद सहयोगी, मोरवा (समस्तीपुर)। समस्तीपुर में सियासत अब बोर्ड तक सिमट आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बोर्ड लगने के बाद जब स्थानीय विधायक ने दोबारा अपना बोर्ड लगवाया, तो अज्ञात लोगों ने उसे तोड़ दिया।
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सार्वजनिक जगहों पर नाम की यह लड़ाई किस दिशा में जा रही है। बता दें कि प्रखंड क्षेत्र के चकपहाड़ पंचायत में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 1 अक्टूबर 2025 को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया था। इसका शिलापट्ट भवन में पहले से लगा हुआ है। इसके बावजूद गुरुवार को स्थानीय मोरवा विधायक रणविजय साहू के नाम का एक अलग शिलापट्ट पंचायत सरकार भवन में लगाया गया।
बोर्ड में विधायक के द्वारा इसका लोकार्पण होने का उल्लेख था। बताया गया कि जिलाधिकारी व विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर, जब पहले से मुख्यमंत्री का शिलापट्ट लगा हुआ था, तो दोबारा शिलापट्ट लगाने को अनुचित माना गया। इसके बाद 22 जनवरी की रात अज्ञात उपद्रवियों द्वारा विधायक के नाम का शिलापट्ट तोड़ दिया गया।
घटना के बाद पंचायत सरकार भवन में भारी तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, लाखों रुपये की लाइटें खोलकर ले गए, शौचालय की पाइप लाइन तोड़ दी और अन्य सामानों को नुकसान पहुंचाया।
इससे नवनिर्मित भवन को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। इधर, बसंत पंचमी के अवसर पर पंचायत सरकार भवन में गृह प्रवेश और पूजा-पाठ का आयोजन प्रस्तावित था। इसको लेकर मुखिया निक्की गिरि व मुखिया प्रतिनिधि पिंटू कुमार गिरि द्वारा पंचायत व प्रखंड के लोगों को निमंत्रण भी दिया गया था लेकिन तोड़फोड़ की घटना के कारण गृह प्रवेश का कार्यक्रम बाधित हो गया।
मुखिया प्रतिनिधि पिंटू कुमार गिरि ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों द्वारा साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मामले की सूचना संबंधित पदाधिकारियों व जिलाधिकारी को देकर जांच की मांग की है।
पंचायत सचिव सुनील कुमार राम ने बताया कि घटना को लेकर अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ ताजपुर थाना में आवेदन दिया गया है। ताजपुर थाना अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। |
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