शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के लिए जारी किया गया नोटिस।
जागरण संसू, अनुगुल। ओडिशा के पुरी जिले में सरकारी निर्देशों की अवहेलना को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सर्पदंश और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों की रिपोर्ट समय पर जमा न करने के कारण 72 प्रधानाध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। इसके साथ ही, विभाग ने इन सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। मानसून में सर्पदंश और आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया था। शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों को निर्देश दिया गया था कि वे विद्यार्थियों और स्थानीय समुदायों को प्राथमिक उपचार और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करें।
इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों को निम्नलिखित जानकारियां साझा करनी थीं..
- सर्पदंश पर क्या करें और क्या न करें।
- बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना।
- आयोजित कार्यक्रमों की फोटो और विवरण विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना।
फंड मिलने के बावजूद बरती गई लापरवाही जिला शिक्षा कार्यालय (DEO) के अनुसार, इस जागरूकता अभियान के लिए प्रत्येक विद्यालय को 4,500 रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसमें बिजली गिरने से संबंधित कार्यक्रम के लिए 2,000 रुपये और सर्पदंश जागरूकता के लिए 2,500 रुपये शामिल थे। इसके बावजूद, इन 72 स्कूलों ने न तो रिपोर्ट जमा की और न ही पोर्टल पर डेटा अपलोड किया। डीईओ कार्यालय ने बार-बार स्मरण पत्र (रिमाइंडर) भेजे थे, लेकिन जवाब न मिलने पर इसे अनुशासनहीनता माना गया।
कार्रवाई की जद में आए प्रधानाध्यापक जिले के विभिन्न ब्लॉकों से हैं:
- सत्यवादी ब्लॉक: 14 प्रधानाध्यापक
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- पुरी सदर: 12 प्रधानाध्यापक
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- पिपिली: 11 प्रधानाध्यापक
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- डेलंग: 09 प्रधानाध्यापक
इसके अलावा निमापाड़ा, काकटपुर और अस्तरंग ब्लॉक के स्कूलों पर भी गाज गिरी है।
रिपोर्ट जमा होने तक वेतन जारी नहीं होगा
जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक संबंधित विद्यालय अपनी पूर्ण रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कर देते, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस कड़े फैसले से पूरे जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। |