बर्फबारी ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसे वे एक अलौकिक अनुभव बता रहे हैं।
राकेश शर्मा, कटड़ा। आखिरकार श्रद्धालुओं का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया। सीजन की पहली बर्फबारी से विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मां वैष्णो देवी धाम का भव्य और दिव्य श्रृंगार हो गया है।
हिमपात से मां वैष्णो देवी भवन, भैरव घाटी, सांझी छत, लंबी केरी सहित पूरा त्रिकूट पर्वत श्वेत चादर में लिपट गया है, जिससे यह पवित्र स्थल स्वर्ग सरीखा प्रतीत हो रहा है। मां वैष्णो देवी भवन परिसर में चारों ओर जमी बर्फ और शिखर पर विराजमान माता रानी का भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहा है।
बीती देर रात शुरू हुआ था बर्फबारी का सिलसिला
त्रिकूट पर्वत पर फैली बर्फ की चादर मानो चांदी की चमक बिखेर रही हो। भैरव घाटी और भैरव मंदिर क्षेत्र में 6 से 8 इंच, भवन परिसर में करीब 6 इंच, सांझी छत में 3 से 4 इंच, लंबी केरी क्षेत्र में 2 से 3 इंच जबकि त्रिकूट पर्वत पर एक से डेढ़ फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फबारी का सिलसिला बीती देर रात शुरू हुआ, जो शुक्रवार को भी रुक-रुक कर जारी रहा।
हालांकि, लगातार खराब मौसम, तेज हवाओं, बारिश और बर्फबारी को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया। इस दौरान लगभग 800 श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जिन्हें सुरक्षा कारणों से आधार शिविर कटड़ा की ओर वापस भेज दिया गया।
ताजा हिमपात के दिव्य नज़ारे के लिए 15,000 से 20,000 श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा में मौजूद रहे। मौसम साफ होते ही शाम चार बजे के करीब यात्रा को फिर से बहाल कर दिया गया। जिसके बाद श्रद्धालुओं की खुशी देखते ही बनती थी।
अलौकिक दृश्य को कैमरों में कैद करते नजर आए श्रद्धालु
श्रद्धालु इस दुर्लभ और अलौकिक दृश्य को अपनी आंखों के साथ-साथ मोबाइल और कैमरों में कैद करने को उत्साहित हैं। सुबह के समय यात्रा पंजीकरण केंद्र सामान्य रूप से खुले रहे, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया।
लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण यात्रा मार्गों पर कुछ स्थानों पर पहाड़ियों से कंकड़-पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद श्राइन बोर्ड के आपदा प्रबंधन दल, सफाई कर्मचारी और सुरक्षा बल सभी मार्गों पर मुस्तैदी से तैनात हैं और मार्गों की सफाई व निगरानी में जुटे हुए हैं।
खराब मौसम का असर जनजीवन पर भी पड़ा
मौसम में सुधार के बाद ही श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इधर, खराब मौसम का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। आधार शिविर कटड़ा और भवन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जगह-जगह बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण बीती रात से समाचार लिखे जाने तक कटड़ा में बिजली पूरी तरह बंद रही, जिससे जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मुंबई से आए श्रद्धालु संजय जैन, विपिन राव और चांदनी ने बताया कि मां वैष्णो देवी यात्रा के दौरान बर्फबारी देखने का उनका सपना आज पूरा हो गया। वहीं भवन परिसर में मौजूद लुधियाना के प्रवीण त्रेहन, ओमप्रकाश, आनंद राज और आशिमा ने कहा कि बर्फबारी के बीच माता रानी के दर्शन उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण बन गया है।
श्रद्धालु बोले- यह उनका अत्यंत पावन और अलौकिक अनुभव
दिल्ली से आए श्रद्धालु संजय सिंह, योगेश कोहली, सतपाल शर्मा, मोनिका और प्रीति कुमार ने कहा कि हिमपात से मां वैष्णो देवी भवन का ऐसा श्रृंगार हुआ है, मानो वे स्वर्ग में पहुंच गए हों। यह उनके जीवन का अत्यंत पावन और अलौकिक अनुभव है।
श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी एवं जवान सभी मार्गों पर तैनात हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। |
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