मीरजंगज में अत्याधुनिक बस स्टेशन के निर्माण को स्वीकृत हुए हैं 14 करोड़ 42 लाख। जागरण
एसके सिंह, संतकबीर नगर। संतकबीर नगर को वर्ष 2026 में अत्याधुनिक बस स्टेशन मिल जाएगा। मीरगंज में इसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एक फरवरी का विधायक अंकुर राज तिवारी भूमि पूजन करेंगे। इसी के साथ ही बस स्टेशन का कार्य विधिवत शुरू हो जाएगा। इसके लिए 14 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को निर्माण के लिए आठ करोड़ 9्र0 लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए हैं।
जनपद सृजित होने के 28 साल बाद भी संतकबीर नगर में बस स्टेशन नहीं है। वर्तमान में खलीलाबाद ओवरब्रिज के नीचे से सड़क पर खड़े होकर यात्री जान जोखिम में डालकर बसों की प्रतीक्षा करते हैं। बस स्टेशन बन जाने से नगरीय क्षेत्र में न केवल जाम की समस्या दूर हो जाएगी बल्कि यात्रियों को एक निश्चित स्थान पर बसें मिलने लगेंगी।
बहरहाल, हाईवे के पास मीरगंज में बनने वाला यह बस स्टेशन मंडल का सबसे अत्याधुनिक होगा। इसमें एक साथ आठ बसें खड़ी करने के लिए प्लेटफार्म बनाएं जाएंगे। यात्री प्रतीक्षालय तथा शौचालय एवं प्रसाधन केंद्र के अलावा एआरएम व इंचार्ज कार्यालय बनाया जाएगा। जहां पर यात्रियों से जु़ड़ी सभी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
वर्ष 1997 से संतकबीर नगर में बस डिपो की मांग की जा रही थी। इसके लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन उपयुक्त भूमि नहीं मिलने के चलते यह मामला आगे नहीं बढ़ सका। एक साल पूर्व जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के सामने यह मामला पहुंचा, उन्होंने राजस्व कर्मियों को लगाकर बस स्टेशन के लिए मीरगंज में भूमि चिह्नित कराई। इसके लिए प्रस्ताव शासन को भिजवाया। परीक्षण में भूमि बस डिपो के लिए सही पाए जाने पर बीते नवंबर स्वीकृत कर निर्माण के लिए धन भी अवमुक्त कर दिया गया।
मुखलिसपुर में जीर्णशीर्ण भवन को ध्वस्त करने की तैयारी
मुखलिसपुर में जीर्णशीर्ण बस स्टेशन भवन को ध्वस्त कर नया बनाया जाना है। इसके लिए कार्यदायी संस्था ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके निर्माण में अभी देरी है। फिलहाल नए बस स्टेशन के लिए चार करोड़ 78 लाख रुपये स्वीकृत हैं। पहली किश्त के रूप में कार्यदायी संस्था को एक करोड़ 50 लाख रुपये अवमुक्त भी किया जा चुका है।
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यह बस अड्डा जनपद सृजित होने के पहले से संचालित था। उपेक्षा के चलते भवन जर्जर होता चला गया। स्थिति यहां तक पहुंच गई सवारी कम निकलने का बहाना बनाकर इसे बंद कर दिया गया। 425 गांवों के लोगों के आने जाने का यह प्रमुख माध्यम था। गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, जौनपुर, बनारस, प्रयागराज, फैजाबाद, लखनऊ आदि स्थानों के लिए बसें यहां से मिलती थी।
स्थानीय व्यापारी सुतली, मिर्च, हल्दी, कमल गट्टा आदि ग्रामीण उत्पादों की आपूर्ति भी आसपास के जिलों में बस के माध्यम से ही करते थे। जिससे सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला हुआ था। बस अड्डा बंद होने के बाद गुलजार रहने वाला यह कस्बा बीरान हो गया है।
संतकबीर नगर जिले के मीरगंज बस स्टेशन के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एक फरवरी को विधायक अंकुर राज तिवारी भूमि पूजन करेंगे। इसी के साथ ही निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। इस अत्याधुनिक बस स्टेशन के निर्माण के लिए 14 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। -
-चौथी राम, प्रोजेक्ट मैनेजर, यूपीपीसीएल |
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