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बैठक को संबोधित करते शिक्षा विभाग के सलाहकार बैद्यनाथ यादव। जागरण
जागरण संवाददाता, दरभंगा । विश्वविद्यालय आपकी संस्था है, ठीक उसी प्रकार समर्थ माड्यूल भी आपके संवर्द्धन के लिए ही है। समर्थ भारत सरकार की अनूठी पहल है, जो शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मंच प्रदान करता है। इस पोर्टल में पांच पैकेज और चवालीस माड्यूल हैं जिसे समुचित प्रयास से अनुप्रयुक्त करना चाहिए।
जैसा कि नाम से विदित हो, समर्थ आपको हर प्रकार से सामर्थ्यवान बनाता है। हमें अपने संसाधनों का भरपूर प्रयोग करना चाहिए। परीक्षा विभाग का आनलाइन स्टूडेंट ग्रीवांस पोर्टल प्रशंसनीय कार्य है, इससे विद्यार्थियों को लंबी कतार से राहत मिली।
उक्त बातें शिक्षा विभाग के सलाहकार बैद्यनाथ यादव ने कही। वे ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित समर्थ सेल टीम, एलएनएमयू समर्थ क्रियान्वयन सेल और उच्च शिक्षा, बिहार सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित समर्थ पोर्टल की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
गांधी सदन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय में समर्थ माड्यूल के प्रशिक्षण और माड्यूल के लागू होने, मूलभूत सुधारों, प्रारूप निर्मिति और जमीनी स्तर पर इसे लागू करने में होने वाली समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
इस बैठक में बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद की शैक्षणिक अधिकारी डा. स्निग्धा ने विश्वविद्यालय द्वारा समर्थ के अनुप्रयोग की समीक्षा करते हुए कई महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने राज दरभंगा लाइब्रेरी की समृद्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उसके वेबसाइट निर्माण की कवायद की।
वर्षों पूर्व के ऐतिहासिक जर्नल के संकलन और शोधार्थियों तक इसकी पहुंच के लिए वेब-पेज डिजाइन करने पर भी बल दिया। साथ ही लाइब्रेरी की बेशकीमती किताबों और शोध जर्नल को मोनेटाइज करने के साथ ही पांडुलिपियों के डिजिटलाइजेशन पर अपनी राय रखी।
इस क्रम में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय लाइब्रेरी एसोसिएशन के साथ एमओयू साइन करने की दिशा में पहल करने को कहा। इसी क्रम में दिल्ली लाइब्रेरी एसोसिएशन की मदद से राज दरभंगा लाइब्रेरी को संवर्धित करने की सलाह दी। डा. स्निग्धा ने ओडिसा और बंगाल गैजट को नेचर जर्नल के सहयोग से बहु उपयोगी बनाने की ओर भी इशारा किया।
समीक्षात्मक बैठक से पूर्व आईक्यूसी मीटिंग कक्ष में समर्थ लीव माड्यूल प्रशिक्षण कार्यशाला का भी आयोजन हुआ। इस कार्यशाला में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कर्मियों की प्रतिभागिता रही। कुल पचास प्रतिभागियों को समर्थ पोर्टल पर लीव माड्यूल की ट्रेनिंग दी गई।
बैठक में विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, कुलसचिव डा. दिव्या रानी हंसदा, अध्यक्ष, छात्र कल्याण प्रो. अशोक कुमार मेहता, वित्तीय परामर्शी इंद्र कुमार, कालेज इंस्पेक्टर प्रो. अरुण कुमार, एस्टेट अधिकारी डा. कामेश्वर पासवान, समर्थ एनो डा. दिवाकर झा, डा. प्रणतांत्री भंजन, डा. अभिषेक राय, डा. मसरूर आलम, डा. अंकित कुमार सिंह, डा. उमाकांत पासवान भी शामिल थे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्सेनिक साइंस में शुरू होंगे कोर्स
कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि हमारा लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्सेनिक साइंस में यूजी और पीजी कोर्सेज खोलने की है। इस कोर्स के शुरू होने से भारत के ईस्ट जोन के विद्यार्थियों का पलायन रुकेगा। सत्र 2026-2027 में नए पीजी और प्रोफेशनल कोर्सेज शुरू होंगे।
डिजिटल इवेल्यूएशन, हमारा बड़ा लक्ष्य है। इससे समर्थ पोर्टल पर छात्राें के अंकपत्र, डिग्री, टीआर फाइल सभी सुविधापूर्वक अपलोड हो सकेंगे। हमारा प्रयास है कि हमारे शिक्षकों पर ज्यादा बोझ न आए और उनकी शैक्षणिक व शोध कार्य निर्बाध जारी रहे, इसी क्रम में विश्वविद्यालय में आईटी सेल का भी गठन किया गया है।
बैठक में समर्थ विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी डा. मो ज्या हैदर ने माड्यूल के लागू करने से लेकर शिक्षकों और कर्मियों के लिए आयोजित कार्यशालाओं, लैब, संसाधनों की गुणात्मक प्रयोजन पर प्रकाश डाला। |
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