जागरण संवाददाता, मेरठ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सलावा में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण कार्य को हर हाल में 31 मई तक पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के बाद अधिकारियों संग बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय में अच्छे और अनुभवी लोगों की तैनाती सबसे पहले सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने नि र्देश दिए कि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही फैकल्टी और कोचों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि नियुक्त होने के बाद वे तुरंत कार्य आरंभ कर सकें।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि पहले वर्ष में ही प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर की फैकल्टी उपलब्ध होनी चाहिए। इससे वह परिसर में सत्र शुरू होने से पहले यहां पहुंचेंगे और कार्य सुचारू रूप से शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति के लिए आवास की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जाए, ताकि उन्हें किराये के मकान में न रहना पड़े।
कहा कि आवास बनने पर वह भी परिसर में कार्य की गति को बढ़ा सकेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ने कुलपति को उनके अंतरराष्ट्रीय खेल अनुभवों का लाभ विश्वविद्यालय के निर्माण प्रक्रिया में भी कहा है। मुख्यमंत्री ने खेल चोटों (स्पोर्ट्स इंजरी) के उपचार और प्रबंधन के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली और निर्देश दिया कि स्पोर्ट्स मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन की सुदृढ़ व्यवस्था विश्वविद्यालय में प्रारंभ से ही की जाए।
कामनवेल्थ और ओलिंपिक को ध्यान में रख शुरू करें पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय को 2030 के कामनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाए। इसके पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण प्रणाली और खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाए।
खेल के दो लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम व प्रशिक्षण की रूपरेखा तय करें जिससे दोनों उक्त खेलों में खेल विश्वविद्यालय का प्रदर्शन भी देखने को मिले और देश के खेल योगदान में विश्वविद्यालय की झलक दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी पर ध्यान दें। जो भी किया जाए, वह बेहतरीन हो। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि 31 मई तक पूरे खेल विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण कर तैयार कर लिया जाए।
उन्होंने निर्माण कार्य में लगी कार्यदायी संस्थाओं को उच्च गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने की पूरी तैयारी अभी से की जाए।
‘जय हिंद’ से करेंगे एक-दूसरे का अभिवादन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय के नए लोगो, ध्वज, यूनिफार्म और अभिवादन शब्द का अनावरण भी किया। विश्वविद्यालय में सभी एक-दूसरे को जय हिंद कहकर ही संबोधित करेंगे। इसमें सीनियर से लेकर जूनियर तक शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी व विद्यार्थी एक-दूसरे को जय हिंद ही कहेंगे और जवाब भी जय हिंद कहकर दिया जाएगा।
यह परंपरा भारतीय सेना में पूर्ण रूप से देखने को मिलती है। प्रदेश के खेल विभाग में प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों में भी जय हिंद का कहने का चलन है। अब इसे आधिकारिक रूप से खेल विश्वविद्यालय का अभिवादन वाक्य बनाए जाने से हर कोई एक-दूसरे को जय हिंद कहकर ही अभिवादन करेगा।
अभिवादन वाक्य के साथ शामिल संदेश में कहा गया है कि ‘विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में जय हिंदी का संबोधन करना उचित और प्रशंसनीय है, क्योंकि यह राष्ट्रीय पहचान, एकता और देशभक्ति के मूल्यों को मजबूत करता है।
यह छात्रों को अपने देश के प्रति गर्व महसूस कराता है और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ता है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के खेल भविष्य को नई दिशा देने वाला केंद्र बनेगा। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, विश्वविद्यालय प्रशासन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
परियोजना का संक्षिप्त विवरण
- भूमि क्षेत्रफल : 91.38 एकड़
- कुल निर्मित क्षेत्र : 64,168 वर्ग मीटर
- प्राधिकृत अभियंता : आइआरक्लास सिस्टम्स एंड साल्यूशंस प्रा. लि.
- ठेकेदार : दिपांशु प्रमोटर एंड बिल्डर प्रा. लि.
- परियोजना स्वीकृति की तिथि : 13 जुलाई 2023
- स्वीकृत राशि : 388.53 करोड़
- कुल अनुबंध मूल्य (जीएसटी रहित) : 304.15 करोड़
- कार्य प्रारंभ की वास्तविक तिथि : 13 फरवरी 2024
- अनुबंधानुसार निर्माण पूर्ण होने की तिथि : 14 अगस्त 2025
अपेक्षित पूर्णता तिथि :
- पाकेट-1 : 31 मार्च 2026
- पाकेट-2 : 31 अगस्त 2026
- भौतिक प्रगति : 79.15%
- कुल व्यय (अब तक) : 208.02 करोड़
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