गोल्ड तस्करी-साइबर फ्रॉड मास्टरमाइंड को रक्सौल इमिग्रेशन ने दबोचा
जागरण संवाददाता, रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। भारत–नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल इमिग्रेशन कार्यालय के अधिकारियों ने बुधवार देर शाम नेपाल जाने के प्रयास में लगे गोल्ड स्मगलिंग और साइबर फ्रॉड के अंतरराष्ट्रीय मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर गुरुवार को बेंगलुरु पुलिस के हवाले कर दिया। इसकी जानकारी विभागीय सूत्रों ने दी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बेंगलुरु निवासी दत्तात्रेय बकाले के रूप में हुई है। बताया गया कि वह बेंगलुरु के हाउस नंबर 3838/1ए-7, सिद्दसरगली, गडग (कर्नाटक) निवासी प्रकाश का पुत्र है। उसका पासपोर्ट 22 अप्रैल 2019 को निर्गत हुआ था, जिसकी वैधता 21 अप्रैल 2029 तक है। आरोपी के विरुद्ध बेंगलुरु थाने में कांड संख्या 26/2025 दर्ज है।
भारत–नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 26 जनवरी को लेकर भारत–नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं। इसी क्रम में संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों के दस्तावेजों और गतिविधियों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान अहम जानकारियां सामने आने के बाद इमिग्रेशन कार्यालय में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दत्तात्रेय बकाले विदेश जाने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) प्राप्त करने के उद्देश्य से रक्सौल इमिग्रेशन कार्यालय पहुंचा था। उसके हाव-भाव और गतिविधियों पर संदेह होने पर अधिकारियों ने दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि वह बेंगलुरु पुलिस का वांछित अपराधी है।
आईटी एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गोल्ड स्मगलिंग, साइबर फ्रॉड और आईटी एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए अवैध गतिविधियों का संचालन करता रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी काफी समय से दुबई में छिपकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था और वहीं से भारत सहित अन्य देशों में तस्करी और साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह हाल ही में नेपाल पहुंचकर वहां से दुबई फरार होने की योजना बना रहा था। इसी उद्देश्य से वह रक्सौल पहुंचा था, ताकि इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सके।
नेटवर्क के खुलासे के लिए बेंगलुरु ले जाया गया
इमिग्रेशन अधिकारियों की सतर्कता के चलते उसकी साजिश नाकाम हो गई। दस्तावेजों की पुष्टि और प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर हरैया थाना के सुपुर्द कर दिया गया।
हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ बेंगलुरु में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसकी सूचना तत्काल बेंगलुरु पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बेंगलुरु पुलिस की विशेष टीम हरैया थाना पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल आरोपी को आगे की पूछताछ और उसके नेटवर्क के खुलासे के लिए बेंगलुरु ले जाया गया है।
गिरफ्तारी के बाद सीमा सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग भी अलर्ट मोड में आ गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी का नेटवर्क भारत–नेपाल सीमा से जुड़े अन्य इलाकों में भी सक्रिय हो सकता है। एजेंसियां आरोपी के सहयोगियों, वित्तीय लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की गहन जांच में जुट गई हैं। |