गुरुग्राम में मुख्य मार्ग पर खोदी गई ड्रेन में रोड़ी से भरा एक ट्राला गिर गया। जागरण
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे से आगे सेक्टर-84 के नजदीक बृहस्पतिवार तड़के जीएमडीए की लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बनते-बनते रह गई।
जीएमडीए द्वारा बीच मुख्य मार्ग पर खोदी गई ड्रेन में रोड़ी से भरा एक ट्राला गिर गया। हादसे में ट्रॉला चालक और उसका सहायक बाल-बाल बच गए।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे ट्रॉला अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान वह बीच मार्ग खोदी गई ड्रेन में गिर गया। ड्रेन के किनारों पर बड़े-बड़े सरिया बाहर निकले हुए थे, जिससे हादसा और भी गंभीर हो सकता था। गनीमत रही कि चालक और सहायक को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वे सुरक्षित बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा जीएमडीए द्वारा बीच मार्ग ड्रेन खोदे जाने और मौके पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने की वजह से हुआ है। ड्रेन के आसपास न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रिफ्लेक्टर टेप या चेतावनी संकेत लगाए गए थे, जिससे चालक को खोदाई का अंदाजा नहीं हो सका और ट्राला सीधे ड्रेन में जा गिरा।
हादसे के बाद मुख्य मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालते हुए जाम खुलवाया। इसके बाद यातायात को वैकल्पिक मार्गों से सुचारु कराया गया।
इस संबंध में ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज ने बताया कि ड्रेन के पास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जीएमडीए के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर विषय है।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के समय पुख्ता बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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