ग्रीनलैंड में नाटो सैनिक करेंगे युद्धाभ्यास।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सैन्य संगठन नाटो के सदस्य डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने पर आमादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के विरुद्ध यूरोपीय नेता मुखर हो गए हैं। इन नेताओं ने कहा है कि नाटो के सैनिक ग्रीनलैंड में युद्धाभ्यास करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के कार्यालय ने कहा कि फ्रांस भी इस युद्धाभ्यास में योगदान देने के लिए तैयार है। मैक्रों ने ट्रंप निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी धमकाकर ग्रीनलैंड नहीं ले सकता।
स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के लिए जुटे यूरोप के नेताओं ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर गंभीर चेतावनियां दी हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने एक नए औपनिवेशिक दृष्टिकोण के प्रति चेतावनी दी जो दशकों से जारी सहयोग को कमजोर कर देगा।
आधुनिक औपनिवेशिक दुस्साहस के विरुद्ध बड़ी शक्तियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, \“\“यह बदलाव नियमविहीन दुनिया की ओर है। जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है और जहां सर्वाधिक शक्तिशाली का कानून ही मायने रखता है। साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाएं फिर से उभर रही हैं।\“\“
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, \“\“बड़ी शक्तियां अभी अकेले चलने का जोखिम उठा सकती हैं। उनके पास बड़ा बाजार, सैन्य क्षमता और शर्तें तय करने की ताकत है। मध्यम शक्तियों के पास ऐसा नहीं है।“
“बड़ी शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता की दुनिया में बीच के देशों के पास एक ही विकल्प है- कृपापात्र बनने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करें या एकजुट होकर तीसरा रास्ता बनाएं जिसका असर हो। मध्यम शक्तियों को एकजुटता से काम करना चाहिए क्योंकि अगर हम एकजुट नहीं होंगे तो हमें समाप्त कर दिया जाएगा।\“\“
उन्होंने कहा, \“\“हम ग्रीनलैंड और डेनमार्क के साथ मजबूती से खड़े हैं और ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला करने के उसके अधिकार का पूर्ण समर्थन करते हैं।\“\“
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने कहा कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर यूरोप में कई सारी मर्यादाएं तोड़ दी गई हैं। उन्होंने कहा, \“\“एक खुशहाल जागीरदार होना एक बात है और दुखी गुलाम होना दूसरी बात। अगर आप अभी पीछे हटते हैं तो आप अपनी गरिमा खो देंगे।\“\“ वेवर ने कहा, \“\“हम या तो साथ होंगे या बंटे हुए खड़े होंगे। अगर हम बंटे हुए हैं, तो यह 80 साल के अटलांटिकवाद के युग का खात्मा होगा, जो सच में खत्म होने वाला है।\“\“
यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वान डेर लेयेन ने कहा कि पश्चिम में कूटनीतिक गिरावट से सिर्फ उसके दुश्मनों को ही बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, \“\“प्रस्तावित अतिरिक्त टैरिफ एक गलती है, खासकर लंबे समय से सहयोगी देशों के बीच। ईयू और अमेरिका पिछले वर्ष जुलाई में एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए थे। बिजनेस की तरह राजनीति में भी एक डील डील होती है।\“\“
उर्सुला ने कहा यूरोप अंतरराष्ट्रीय दबाव का जवाब देने के लिए बाध्य है। अगर यह बदलाव स्थायी है, तो यूरोप को भी स्थायी रूप से बदलना होगा। यह समय इस अवसर का फायदा उठाने और एक नया स्वतंत्र यूरोप बनाने का है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टस्क ने एक्स पर यूरोपियों से तुष्टीकरण से सावधान रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, \“\“तुष्टीकरण हमेशा कमजोरी की निशानी होती है। यूरोप कमजोर होने का जोखिम नहीं उठा सकता। न तो अपने दुश्मनों के विरुद्ध, न ही सहयोगी के विरुद्ध। तुष्टीकरण का मतलब है सिर्फ अपमान। यूरोपीय ²ढ़ता और आत्मविश्वास समय की जरूरत बन गए हैं।\“\“
वहीं, नाटो महासचिव मार्क रूट ने बुधवार को कहा कि वह पर्दे के पीछे से इस मुद्दे पर काम कर रहे, लेकिन वह सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। इस बीच, फ्रांस ने शेड्यूल की दिक्कतों की वजह से जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की ऑनलाइन बैठक फिलहाल अगले हफ्ते के लिए टाल दी है। इस वर्ष जी-7 की अध्यक्षता फ्रांस के पास है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ) |
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