Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी और पतंगबाजी: क्या है इस परंपरा का असली कनेक्शन? (Image Source: AI-Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वसंत पंचमी का त्योहार (Basant Panchami 2026) वसंत ऋतु के आगमन का जश्न होता है। यह वो समय है जब कड़ाके की ठंड विदा लेती है और मौसम में एक खुशनुमा गर्माहट घुलने लगती है। इस खास मौके पर ज्ञान, संगीत और सभी कलाओं की देवी, मां सरस्वती की पूजा की जाती है। देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में देवी सरस्वती की प्रार्थनाएं गूंजती हैं, जहां विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।
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उत्तर भारत में पतंगबाजी की धूम
भले ही यह दिन पूजा-पाठ के लिए जाना जाता हो, लेकिन उत्तर भारत- खासतौर से उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में वसंत पंचमी की सबसे बड़ी पहचान \“पतंग महोत्सव\“ है। इस दिन आसमान अलग-अलग रंगों की पतंगों से भर जाता है। यह नजारा वसंत से जुड़ी खुशी और आजादी की भावना को दर्शाता है।
छतों पर जश्न का माहौल
पतंग उड़ाने की परंपरा की जड़ें प्राचीन रीति-रिवाजों में हैं, लेकिन आज यह बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए एक पसंदीदा शौक बन गया है। इस दिन परिवार और दोस्त छतों और खुले मैदानों में इकट्ठा होते हैं। हवा के साथ पतंगों की डोर खींचते हुए लोगों की हंसी और उत्साह का शोर हर तरफ सुनाई देता है।
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यह त्योहार प्रेम और उत्साह की लहर लेकर आता है, जो हमें याद दिलाता है कि सबसे ठंडे दिनों के बाद भी नई शुरुआत और बेहतर समय हमेशा आगे हमारा इंतजार कर रहा होता है।
वसंत पंचमी पर क्यों उड़ाई जाती है पतंग?
भारत की छह ऋतुओं में वसंत को सबसे खास माना जाता है और वसंत पंचमी इसका ताज है। इस समय प्रकृति अपनी सर्दियों की नींद से जागती है, खेत हरियाली और पीली सरसों से लहलहा उठते हैं, और हवा में खुशी के रंग घुल जाते हैं। सदियों पुरानी परंपराओं ने वसंत की इसी खुशी को पतंगों की ऊंची उड़ान के साथ जोड़ दिया है।
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सिर्फ खेल नहीं, उम्मीदों की उड़ान
पतंगें केवल देखने में सुंदर नहीं होतीं, बल्कि वे उम्मीद और हमारी आकांक्षाओं का भी प्रतीक हैं। जैसे-जैसे पतंग आसमान में ऊंची उठती है, वह हमारे सपनों और इच्छाओं को अपने साथ ले जाती है, जैसे कि विशाल आकाश के कैनवास पर उन्हें उकेर रही हो। हवा के विपरीत पतंग का खिंचाव उन चुनौतियों को दर्शाता है जिनका हम जीवन में सामना करते हैं, और उसकी सफल उड़ान हमारी सहनशक्ति और पक्के इरादे की निशानी है।
अगली बार जब आप वसंत पंचमी पर आसमान में लहराती हुई पतंगों का मनमोहक दृश्य देखें, तो उनके गहरे संदेश को याद रखें। वे केवल रंगों की बौछार नहीं हैं, बल्कि उम्मीद, नवीनीकरण और उस अटूट भावना का प्रतीक हैं जो हर बदलाव के साथ ऊपर उठती है।
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