प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मुंगेर। तारापुर की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) कुमारी कंचनलता का मुंगेर में दोनों कार्यकाल विवादित रहा। वह 2017-18 के दौरान भी मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के तौर पर कार्यरत थी। उस समय भी उनका कार्यकाल विवादित रहा था। उस समय भी उनके खिलाफ आरोप गठित किया गया था तथा संचयी प्रभाव के बिना तीन वेतन वृद्धि पर रोक लगाकर दंडित किया गया था। इसके बाद उनका स्थानांतरण बांका जिले के गढ़ीकुर्मा बुनीयादी विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पद पर किया गया। इसके बाद वहां से दोबारा उनका स्थानांतरण मुंगेर में नगर बीईओ मुंगेर के रूप में किया गया।
- विवादों में दोनों कार्यकाल, कंचनलता पर लटकी विभागीय तलवार
- पूर्व में हवेली खड़गपुर में रही थी पदस्थापित, दोबारा मुंगेर आने पर भी लिया हवेली खड़गपुर का प्रभार
- मुंगेर से स्थानांतरण के बाद गई बांका, बुनियादी विद्यालय की बनी प्रधानाध्यापक
- बांका से दोबारा मुंगेर आने पर बनी नगर बीईओ, बाद में गई तारापुर
मुंगेर में दोबारा योगदान के बाद उन्हें एक बार फिर से उसी हवेली खड़गपुर प्रखंड के बीईओ का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया, जहां की बीईओ रहते उन पर गंभीर आरोप लगा था तथा विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके कुछ दिनों बाद वह तारापुर बीईओ बनाई गई। वर्तमान समय में उनके पास संग्रामपुर प्रखंड का भी अतिरिक्त प्रभार है। संग्रामपुर प्रखंड के बीईओ कमलेश कुमार के सेवानिवृत होने के बाद उन्हें वहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब एक बार फिर तारापुर बीईओ रहते उनके उपर गंभीर आरोप लगा है तथा आरोग गठित किया गया है। ऐसे में एक बार फिर से उनके उपर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
इस बार लगा है यह आरोप
डीईओ के माध्यम से तारापुर बीईओ पर गठित आरोप में इस बार कुमारी कंचनलता पर कार्यालय कार्य संस्कृति बहाल नहीं रखने तथा कार्यालय कार्य संस्कृति के विरूद्ध कार्य करने , विभागीय निदेश के विपरीत तथा उच्चाधिकारी के आदेश की अवमानना कर मनमाने ढंग से कार्य करने, निर्गत पंजी में विभिन्न तिथियों में निर्गत क्रमांक को खाली रखने, शिक्षक दरबार नियमित रूप से आयोजित नहीं करने तथा प्राप्त आवेदन के निष्पादन के लिए ससमय जिला कार्यालय को प्राप्त नहीं कराने, शिक्षकों से कार्य हेतु अवैध पैसा वसूली करने, विद्यालय के अनुरक्षण व मरम्मत, स्थापना व प्रतिबद्ध व्यय में भेजी गई राशि व उपयोगिता के नाम पर अवैध राशि की वसूली करने, प्रखंड संसाधन केंद्र को प्राप्त समग्र अनुदान की राशि का गबन करने तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रविधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
पिछली बार अवैध रूप से शिक्षकों को बिठाने, इस बार वसूली का आरोप
कुमारी कंचनलता पर हवेली खड़गपुर में बीईओ रहते अनाधिकृत रूप से दस शिक्षकों को अपने कार्यालय में अपने समक्ष बिठा कर रखने, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के निरीक्षण के क्रम में रोकड़़ पंजी, निरीक्षण पंजी आदि की मांग करने के वाबजूद उसे आरडीडीई को उपलब्ध नहीं कराने, मध्य विद्यालय मंझगांव के दिवंगत शिक्षक विपिन कुमार यादव के सात अगस्त 2016 को निधन होने के पश्चात सरकार की ओर से दी जाने वाले राशि के लिए प्राप्त आवेदन को डीईओ कार्यालय नहीं भेजे जाने का आरोप था। इस बार उन पर शिक्षकों का बकाया वेतन, मातृत्व अवकाश व अन्य अवकाश से संबधित आवेदन ससमय जिला कार्यालय नहीं भेजने, विभाग से स्थापना व प्रतिबद्ध व्यय में अनुरक्षण तथा मरम्मत, जिसमें बल्ब, पंखा, ट्यूब लाईट आदि की मरम्मत व नवस्थापन के लिए प्रत्येक प्रारंभिक व माध्यमिक विद्यालयों को 50 हजार रुपये की उपलब्ध कराई गई राशि व उसके उपयोगिता के नाम पर 10 प्रतिशत वसूली का आरोप लगा है। यह आरोप जिला स्तर पर गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी की ओर से लगाया गया है तथा इसी के आधार पर उनके खिलाफ आरोप गठित किया गया है। |