नंदानगर ब्लाक सभागार में आयोजित महापंचायत में मौजूद हकहकूकधारी और स्थानीय नागरिक। जागरण
संवाद सहयोगी, जागरण, गोपेश्वर। हिमालयी महाकुंभ नंदा देवी राजजात का आयोजन वर्ष 2027 में कराने को लेकर नंदा देवी मंदिर कुरुड़ के हक-हकूकधारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
हक-हकूकधारियों की महापंचायत ने नंदा देवी राजजात-2026 का कार्यक्रम स्थगित किए जाने पर आक्रोश जताते हुए इसी वर्ष नंदा देवी बड़ी जात (राजजात) आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए बाकायदा आयोजन समिति गठित कर कर्नल हरेंद्र सिंह रावत (सेनि) को उसका अध्यक्ष बनाया गया है। हक-हकूकधारियों का कहना है कि कुछ लोग राजजात के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि किसी को भी धार्मिक परंपराएं खंडित करने का अधिकार नहीं है।
नंदानगर विकासखंड के सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत चमोली के अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार चमोली जिले में हर साल छोटी जात व 12 साल बाद बड़ी जात का आयेाजन होता है।
लेकिन, उत्तराखंड राज्य गठन के बाद इसका नाम नंदा देवी राजजात कर कर दिया गया। कहा कि हक-हकूकधारियों को विश्वास में लिए बिना इस वर्ष आयोजन को स्थगित कर उसे 2027 में कराने का निर्णय पूरी तरह गलत है।
नंदा देवी के खड़कधारी थोकदार वीरेंद्र सिंह ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। पौराणिक मान्यता के अनुसार धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए बड़ी जात का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि पूर्व में हुई भूल को सुधारा जा सके।
खड़कधारी थोकदार ने कहा कि बड़ी जात का आयोजन नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ से ही होता है। हक-हकूकधारियों से विचार मंथन कर यहीं से इस वर्ष भी बड़ी जात का आयोजन किया जाएगा। यही इसका मूल स्वरूप है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2026 में ही बड़ी जात का आयोजन होगा और वसंत पंचमी पर्व पर 23 जनवरी को गौड़ ब्राह्मणों की ओर से इसका दिनपट्टा (कैलेंडर) जारी किया जाएगा।
ब्लाक प्रमुख हेमा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक दशोली से कृपाल सिंह बिष्ट, भागवत सिंह बिष्ट, कर्ण सिंह, ज्ञान सिंह फस्वार्ण व भगवती प्रसाद, देवाल से महावीर सिंह रावत व हेम मिश्रा, नंदानगर से हीरा सिंह बिष्ट व लक्ष्मण बिष्ट समेत क्षेत्र के कई लोग शामिल हुए।
बड़ी जात की आयोजन समिति में 446 गांव होंगे सदस्य
महापंचायत में तय हुआ कि बड़ी जात की आयोजन समिति में दशोली के 72, बधाण के 365 और बंड पट्टी के नौ गांव सदस्य रहेंगे।
समिति में सेवानिवृत्त कर्नल हरेंद्र सिंह रावत को अध्यक्ष व नंदा देवी के पुजारी अशौक गौड़ को सचिव बनाया गया है। जबकि, हक-हकूकधारी सुखवीर रौतेला व नरेश गौड़ उपाध्यक्ष और प्रकाश गौड़ को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
विदित हो कि रविवार को कर्णप्रयाग में श्री नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डा. राकेश कुंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में नंदा देवी राजजात-2026 का आयोजन 2027 में कराने का निर्णय लिया गया था।
कहा गया था कि मलमास के चलते इस वर्ष आयोजन की तिथियां काफी आगे चली गई हैं, इसलिए यात्रा संभव नहीं हो पाएगी।
यह भी पढ़ें- अब 2027 में होगा हिमालयी महाकुंभ नंदा राजजात का आयोजन, 20 पड़ावों से होकर गुजरती है 280 किमी की यह यात्रा |