रियल एस्टेट को बजट से हैं क्या-क्या उम्मीदें?
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) का काउंटडाउन शुरू हो गया है। बजट से पहले अलग-अलग सेक्टर और इंडस्ट्री के लोग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने अपनी मांगे और सुझाव रख रहे हैं। वित्त मंत्री 1 फरवरी को लोकसभा में बजट 2026 पेश करने वाली हैं। यूनियन बजट 2026 से पहले, रियल एस्टेट सेक्टर को भी सरकार से टैक्स में कटौती और पॉलिसी में बदलाव के जरिए घरों को सस्ता बनाए जाने की उम्मीद है।
क्या है रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीद?
जानकारों का मानना है कि ऐसे उपाय जो कंज्यूमर सेंटिमेंट और खर्च करने लायक इनकम को सपोर्ट करते हैं, वे रिटेल और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स में डिमांड को काफी बढ़ावा दे सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लोग अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए घर खरीदने वालों को टैक्स में राहत देने की मांग कर रहे हैं। वहीं मार्केट लीडर्स ने टैक्स कम करके होम लोन की ब्याज दरों में कटौती की मांग की है।
कैसे बढ़ेगा खरीदारों का भरोसा?
जानकार मानते हैं कि अनुकूल टैक्स नीतियों, आसान स्टैंप ड्यूटी और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से खरीदारों का भरोसा और बढ़ेगा। किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए, रियल एस्टेट इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार इनकम टैक्स एक्ट के कुछ सेक्शन को वापस ला सकती है, फिर भले ही ये कुछ समय के लिए क्यों न हो।
सेक्शन 80-IBA पर क्या है जानकारों की राय?
इस पर एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा है कि घरों को किफायती बनाने के लिए सरकार के पास एक मजबूत टूल है - इनकम टैक्स एक्ट, 1961 का सेक्शन 80-IBA। उन्होंने कहा है कि सरकार के पास सबसे सीधा टूल यह है कि वह सेक्शन 80-IBA के तहत किफायती घरों के डेवलपर्स के लिए 100% टैक्स छूट वापस लाए।
यह इंसेंटिव साल 2021 में खत्म हो गया था। मगर ये ज्यादा डेवलपर्स को ज्यादा किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए राजी करने में बहुत असरदार था।
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