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सहारनपुर में NGT के आदेशों की अनदेखी, मार्च से जून तक भट्ठा चलाने के आदेश; अभी से धधक रहे

Chikheang 2026-1-19 00:27:00 views 1246
  



जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जनपद में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सहारनपुर में मार्च से जून के बीच भट्ठे चलाने के आदेश दिए हैं, लेकिन वर्तमान में भी भट्ठों की चिमनियां धुआं उगल रही हैं।

मेरठ के सरधना तहसील क्षेत्र के गांव सकौती निवासी उत्कर्ष पवार ने क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को स्पीड पोस्ट से भेजे शिकायती पत्र में बताया कि एनजीटी के 19 दिसंबर 2025 को पारित आदेश के अनुसार सहारनपुर में ईंट भट्ठों का संचालन एक मार्च से 30 जून तक ही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके बावजूद सहारनपुर में सर्दियों के मौसम में भी ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं। उत्कर्ष ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहारनपुर पर एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे ईंट भट्ठों को बंद कराने तथा एनजीटी के आदेशों का पालन कराने की मांग की।

उत्कर्ष ने आरोप लगाया कि भट्ठों से निकल रहे धुएं के चलते न केवल जनपद सहारनपुर बल्कि उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। इसका सीधा दुष्प्रभाव दमा, हृदय रोगियों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो एनजीटी एवं अन्य सक्षम न्यायिक/प्रशासनिक मंचों का सहारा लिया जाएगा।

उत्कर्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सहारनपुर में कहीं भी प्रदूषण मापक यंत्र नहीं लगाया गया है। इसके चलते लोगों को वायु की गुणवत्ता के बारे में सही जानकारी न देकर गुमराह किया जाता है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग दीपावली के आसपास ही शहर में प्रदूषण मापक यंत्र लगाकर वायु की गुणवत्ता मापता है।


भट्ठा समिति ने एनजीटी को दिए शपथपत्र में किए वादे का पालन कराने का आश्वासन दिया है। एनजीटी के आदेश आने से पहले ज्यादातर भट्ठों में आग छोड़ी जा चुकी थी। भट्ठा समिति सभी भट्ठा संचालकों के साथ समन्वय कर रही है। एक-दो दिन में जनपद में संचालित सभी भट्ठों को बंद करा दिया जाएगा। इसके बाद हर साल मार्च से जून के बीच ही भट्ठा संचालन किया जाएगा।

- बख्तावर सिंह, अध्यक्ष, सहारनपुर भट्ठा समिति।

ईंट निर्माता समिति ने एनजीटी में शपथपत्र देकर प्रतिवर्ष मार्च से जून तक भट्ठा संचालन करने की बात स्वैच्छिक रूप से स्वीकार की थी। एनजीटी ने अपने आदेश में ईंट निर्माता समिति को अपने शपथ पत्र का पालन करने के लिए निर्देशित किया है।
- योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।
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