PM-Kisan Samman Nidhi : अब किसानों को हो रही परेशानी।
संवाद सहयोगी, (बिरौल) दरभंगा। PM-Kisan Samman Nidhi : छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज भी जीवनदायिनी साबित हो रही है। लेकिन हाल ही में यह देखा गया है कि तमाम किसान इस योजना का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
समस्या का मुख्य कारण भूमि रिकार्ड का आधुनिक डिजिटल रूप में न होना है। कई किसानों की जमीन पुरानी गूंज-बहियों और माप पुस्तिकाओं में दर्ज है, लेकिन आनलाइन रिकॉर्ड में उनका नाम नहीं दिखता। गाइडलाइन के अनुसार, फार्मर आईडी बनाने के लिए भूमि के फर्द का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अभाव में आने वाले दिनों में कुछ किसानों को योजना का लाभ मिलने में परेशानी आ सकती है। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल रजिस्ट्री और पुरानी जमीन के रिकार्ड के बीच विसंगति किसानों के लिए बड़ी बाधा बन रही है। आगे चलकर यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
जैसे-जैसे योजना में लाभार्थियों की पहचान और आनलाइन सत्यापन प्रक्रिया सख्त होगी, बिना फर्द वाले किसान पूरी तरह योजना से बाहर हो सकते हैं। इसके अलावा, भूमि विवाद, नामांतरण में देरी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण गरीब किसानों को भुगतान में और विलंब का सामना करना पड़ सकता है।
इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार को आवश्यक है कि पुरानी रजिस्ट्री को डिजिटल रूप में अपडेट करे और असमर्थ किसानों के लिए वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रिया अपनाए। तभी छोटे और सीमांत किसान भी योजना का लाभ समय पर प्राप्त कर पाएंगे और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
डिजिटल रिकॉर्ड और पुराने रजिस्ट्री में अंतर
कई किसानों की जमीन पुरानी गूंज-बहियों और माप पुस्तिकाओं में दर्ज है, लेकिन आधुनिक आनलाइन रिकॉर्ड में उनका नाम नहीं है। इससे किसान पीएम-किसान योजना के लिए फर्मर आईडी नहीं बना पाते। यह परेशानी सिर्फ किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, हर राज्य और जिले के छोटे और सीमांत किसानों के लिए समान रूप से उत्पन्न हो रही है।
सही कागज के बिना लाभ नहीं मिलना
गाइडलाइन के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए भूमि के फर्द का होना अनिवार्य कर दिया गया है। कई गरीब और सीमांत किसानों के पास यह दस्तावेज नहीं है। इसके कारण उन्हें योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पाता। यह समस्या पूरे देश के ग्रामीण इलाकों के किसानों को प्रभावित कर रही है।
किसानों की समस्याओं का करें समाधान
गौड़ाबौराम प्रखंड प्रमुख ममता देवी ने कृषि मंत्री को आवेदन भेजकर छोटे एवं सीमांत किसानों की महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान की मांग की है। कहा है कि प्रखंड के अंतर्गत 12,566 किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़कर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से तकरीबन 12 सौ किसान ऐसे हैं जिनकी जमीन पुरानी गूंज-बहियों तथा माप पुस्तिका में दर्ज है, लेकिन आधुनिक आनलाइन रिकार्ड में उनके नाम से फर्द निर्गत नहीं हो पा रहा है।
गाइडलाइन के अनुसार फार्मर आइडी बनाने के लिए फर्द अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके अभाव में गरीब किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि जिन किसानों की जमीन पुराने अभिलेखों में दर्ज है, उनकी जमीन का सत्यापन कराते हुए विशेष अभियान के तहत उनके नाम से फर्द निर्गत किया जाए, ताकि वे बिना भटके सरकारी योजनाओं का लाभ पा सकें। उन्होंने यह भी मांग की है कि फर्द के स्थान पर बैकडेटेड रसीद या पुराने जमीन रिकार्ड के आधार पर भी किसानों को फार्मर आइडी बनाने की सुविधा दी जाए। |