चांदी के बर्क में काजू कतली।
संवाद सहयोगी, जागरण. हाथरस। लगातार महंगी होती चांदी ने मिठाइयों की चमक भी फीकी कर दी है। साथ ही मिठाई के दाम बढ़ गए हैं। चांदी से बनने वाले वर्क की कीमतों में भी तीन गुणा से ज्यादा इजाफा हो गया है। इस कारण कारोबारियों ने काजू कतली से लेकर देसी घी के बूंदी के लड्डू पर वर्क की मात्रा कम कर दी है या फिर चांदी के वर्क वाली मिठाइयों के दाम बढ़ा दिए हैं।
चांदी की कीमतों में अधिक इजाफा होने से महंगी हुई मिठाइयां
चांदी को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। चांदी का वर्क एक तरह से चांदी की पतली परत मिठाइयों पर सजावट के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मिठाइयों को आकर्षक और पारंपरिक रूप से विशेष बनाने में होता है। इसके अलावा चांदी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिससे बैक्टीरिया पनपने की संभावना बहुत कम हो जाती है। एक साल में चांदी के दाम 200 फीसदी से अधिक बढ़े हैं। चांदी की कीमतों में अभी भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
काजू कतली से लेकर देसी घी के बूंदी के लड्डू में कम लगाई जाने लगे चांदी के वर्क
सर्राफा व्यापारी रामाधार सिंघल का कहना है कि चांदी से बनने वाली वर्क मिठाइयों और व्यंजनों को सजाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। फिजीशियन डॉक्टर अवधेश कुमार का कहना है कि चांदी में एंटी माइक्रोबायल गुण होने के कारण मिठाई या भोजन को विषाक्त होने से भी बचाया जा सकता है।
इन मिठाइयों पर लगता है चांदी का वर्क
काजू कतली, बर्फी, घेवर, लड्डू, छेना मिठाई
ये मिठाइयां हुई महंगी, मिठाई पहले अब
- काजू कतली 1000 1200
- काजू रोल 1000 1300
- काजू कलश 1200 1400
- बूंदी लड्डू 400 500
काजू, बर्फी और केसर बर्फी में वर्क का इस्तेमाल करते हैं। अब 400 में मिलने वाली 100 वर्क की कीमत 1200 रुपये हो गई है। पांच किलो काजू कतली पर 40 वर्क लगाने पड़ते हैं। ऐसे में की मात्रा कम कर दी है।
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रवि शर्मा , मिठाई कारोबारी।
चांदी की कीमत लगभग 2.84 लाख पहुंच चुकी है। ऐसे में पहले जो 50 वर्क 300 रुपये में मिलती थी, उसकी कीमत अब 700 रुपये पहुंच गई है। दूध, खोआ से लेकर देसी घी के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। -
मनोज शर्मा , मिठाई कारोबारी। |