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Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी के उपाय। (AI Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जया एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। यह माघ महीने शुक्ल पक्ष की एकादशी को हर साल मनाई जाती है। पंचांग गणना के आधार पर 29 जनवरी को जया एकादशी का व्रत किया जाएगा। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन व्रत और पूजा-पाठ करने से श्री हरि की कृपा मिलती है और जीवन में अपार सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आइए जानते हैं कि जया एकादशी के दिन (Jaya Ekadashi 2026) शिवलिंग पर किन चीजों को चढ़ाना शुभ माना जाता है?
शिवलिंग पर अर्पित करें ये 5 चीजें (Shivling Ke Upay)
गन्ने का रस
ज्योतिष शास्त्र में गन्ने के रस को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। जया एकादशी के दिन शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और रुका हुआ धन वापस मिलता है।
काले तिल
माघ का महीना चल रहा है, इस दौरान तिल का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में जया एकादशी के दिन शिवलिंग पर काले तिल जरूर चढ़ाएं। ऐसा करने से शनि दोष दूर होता है और कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही आय के नए स्रोत खुलते हैं।
केसर-दूध
भगवान शिव का अभिषेक केसर मिले हुए दूध से करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इससे व्यापार में वृद्धि होती है और घर में बरकत बनी रहती है।
बिल्व पत्र पर चंदन
तीन दल वाले बिल्व पत्र पर सफेद चंदन से \“श्री\“ या \“ॐ\“ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय को करने से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में खुशहाली आती है।
अक्षत
पूजा के समय शिवलिंग पर अक्षत चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। ध्यान रहे कि चावल का एक भी दाना टूटा हुआ न हो। कहते हैं कि इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है और स्थायी धन लाभ होता है।
पूजा विधि
जया एकादशी की सुबह स्नान के बाद सबसे पहले भगवान विष्णु का पूजन करें। उसके बाद शिव मंदिर जाकर शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें। अभिषेक करते समय “ॐ नमः शिवाय“ और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय“ मंत्रों का जप जरूर करें। पूजा के अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
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