वाल्मीकि नगर में नारायणी नदी के किनारे उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। जागरण
जागरण संवाददाता, बगहा। भारत व नेपाल की सीमा से होकर बहने वाली नारायणी (गंडक) नदी में माघ अमावस्या के पावन अवसर पर रविवार की अहले सुबह से भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था एवं श्रद्धा की डुबकी लगाई।
वहीं, अमावस्या की स्नान के बाद दान आदि का कार्य भी किया। त्रिवेणी में स्नान का अपना महत्व है। ऐसा माना जाता है कि माघ अमावस्या पर डुबकी लगाने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
स्नान और मेला को लेकर वाल्मीकि नगर पुलिस के अलावा एसएस बी भी सुरक्षा में तैनात रहे। शनिवार की रात बगहा एसपी रामानंद कौशल भी वाल्मीकि नगर पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
बताते चलें कि प्रत्येक वर्ष माघ अमावस्या पर उत्तरप्रदेश के गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर आदि जिलों के साथ ही बिहार के कई जिलों तथा नेपाल से श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए वाल्मीकिनगर पहुंचते है।
माघ अमावस्या पर वाल्मीकिनगर तथा सीमावर्ती त्रिवेणी में मेला का भी आयोजन किया जाता है। जिसमें बाहर से आनेवाले दुकानदारों के द्वारा श्रृंगार प्रसाधन, दैनिक जरूरत से संबंधी समानों के साथ ही बर्तन की दुकानें लगाया जाता है। जहां श्रद्धालुओं द्वारा खरीदारी की जाती है। |