ग्रेप 4 के प्रतिबंध लगने के साथ कई पाबंदियां भी लगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। हवा की गति धीमी होने से दिल्ली सहित एनसीआर के अन्य शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से नौ एनसीआर के हैं। दिल्ली देश में सबसे प्रदूषित रहा। 2
4 घंटे में राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 यानी बहुत खराब श्रेणी में था। लेकिन, देर शाम आठ बजे 428 तक पहुंच गया। 400 से अधिक एक्यूआइ गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उपसमिति ने एनसीआर में ग्रेप का चौथा चरण लागू करने का निर्णय़ लिया है। शुक्रवार को ही एनसीआर में ग्रेप का तीसरा चरण लागू किया गया था।
दिल्ली के अधिकांश स्थानों पर प्रदूषण सर्वाधिक
शनिवार सुबह से ही दिल्ली के अधिकांश स्थानों पर प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ था। दिन में स्थिति और खराब हो गई। सीएक्यूएम का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और अत्यधिक प्रतिकूल मौसम के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण की वर्तमान स्थिति और संबंधित कारकों को ध्यान में रखकर वायु गुणवत्ता की स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए उपसमिति ने सर्वसम्मति से एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रेप का चौथा चरण लागू करने का निर्णय लिया है।
निर्माण कार्य और दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इससे पहले 13 दिसंबर को ग्रेप का चौथा चरण लागू किया गया था। प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी एजेंसियों को क्षेत्र में एक्यूआई की स्थिति को और खराब होने से रोकने के लिए निवारक उपाय बढ़ाने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का भी कहना है कि मौसम विभाग और आईआईटीएम पुणे द्वारा मौसम से संबंधित पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि हवा की धीमी गति, प्रतिकूल मौसम मापदंडों और प्रदूषकों के फैलाव की कमी के कारण आने वाले दिनों में दिल्ली का औसत एक्यूआइ बढ़ेगा।
देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल एनसीआर के शहर
शहर एक्यूआई
दिल्ली
400
गाजियाबाद
394
नोएडा
388
धारूहेड़ा
364
गुरुग्राम
360
भिवाड़ी
354
ग्रेटर नोएडा
332
बल्लभगढ़
326
मानेसर
319
ग्रेप चार में प्रतिबंध
ग्रेप चार के प्रतिबंधों के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, बिजली वितरण से संबंधित परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को छोड़कर, सभी तरह के निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक रहती है। इसके तहत दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। सिर्फ जरूरी चीजें लेकर आने वाले ट्रकों, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों, और बीएस छह इंजन वाले ट्रकों को छूट रहेगी।
दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-आवश्यक हल्के वाणिज्यिक गाड़ियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली में पंजीकृत बीएस छह या उससे पुराने डीजल के भारी मालवाहक वाहन पर रोक रहेगी। छठी से नौवीं और 11वीं की पढ़ाई आनलाइन या हाइब्रिड मोड में की जा सकती है। सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ वर्क फ्रॉम होम लागू करने का आदेश दिया जा सकता है।
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