राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चित्रकूट कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद शासन स्तर से कोषागारों से संबंधित कई व्यवस्थाओं में बदलाव किए जा रहे हैं है।
अब पेंशनरों को कोषागार से उनके पेंशन और एरियर का भुगतान एक साथ नहीं मिलेगा। इससे संबंंधित निर्देश कोषागारों को दिए गए हैं। इसके लिए साफ्टवेयर में जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे।
कोषागार निदेशक वीके सिंह के मुताबिक कोषागारों को पेंशन और एरियर एक साथ नहीं दिए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन दोनों धनराशियों के भुगतान में न्यूनतम 10 दिन का अंतर रखने को कहा गया है।
घोटालों व किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए कोषागार के साफ्टवेयर में किए जाने वाले बदलावों का खाका खींचा जा चुका है। साफ्टवेयर में बदलाव के लिए एनआइसी के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। साफ्टवेयर में जरूरी बदलाव जल्द हो जाएगा।
साफ्टवेयर में सिक्योरिटी के मजबूत प्रबंध किए जाएंंगे, जिससे कोई भी अनियमितता न होने पाए। साफ्टवेयर में बदलाव के बाद एरियर या अन्य भुगतान से संबंधित किसी भी आंकड़े में कार्मिक अपने स्तर से कोई परिवर्तन नहीं कर सकेंगे।
बता दें कि इस घोटाले की जांच करते हुए एसआइटी ने अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है जिनमें 25 पेंशनर, दो कोषागार कर्मी और आठ दलाल शामिल हैं।
घोटाले की धनराशि 93 पेंशनरों के खाते में भेजी गई थी, जिसमें से करीब चार करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है। शासन ने महालेखापरीक्षक (एजी) को सभी कोषागारों की आडिट कराने के लिए भी पत्र भेजा गया है। |
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