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जिला परिवाहन कार्यालय। (जागरण)
धर्मेंद्र कुमार सिंह, आरा। भोजपुर जिले के परिवहन विभाग में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जिले के तत्कालीन डाटा इंट्री ऑपरेटर द्वारा मोटर वाहन कर के रूप में जमा कराई गई 69 लाख 11 हजार 696 रुपये की सरकारी राशि के गबन का खुलासा हुआ है।
इस गंभीर मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी अमित कुमार ने आरा के नवादा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपी डाटा इंट्री ऑपरेटर की पहचान अजय कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो वर्ष 2023-24 में बेल्ट्रॉन कंपनी के माध्यम से परिवहन कार्यालय में पदस्थापित था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजय ने अपने कार्यकाल के दौरान काउंटर पर वाहन स्वामियों से वसूली गई मोटर वाहन कर की राशि को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय अपने पास रख लिया।
विभागीय जांच में जब यह स्पष्ट हुआ कि निर्धारित अवधि में बड़ी रकम सरकारी खजाने में जमा नहीं हुई है, तो मामले की पड़ताल शुरू की गई। जांच में सामने आया कि करीब 69 लाख 11 हजार 696 रुपये की राशि का समायोजन नहीं किया गया, जिससे गबन की पुष्टि हुई।
दो बार भेजा गया नोटिस
मामले का खुलासा होने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा आरोपी को दो बार नोटिस भेजकर इस संबंध में पूरी जानकारी और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया।
दो बार पत्र भेजने के बाद भी आरोपी की ओर से न तो कोई जवाब दिया गया और न ही गबन की गई राशि जमा कराई गई। विभागीय स्तर पर लगातार अनदेखी और लापरवाही को देखते हुए आखिरकार डीटीओ ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया और नवादा थाना में 13 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। आरोपी डाटा इंट्री ऑपरेटर मूल रूप से भभुआ (कैमूर) जिले के भभुआ थाना क्षेत्र स्थित दुमदुम गांव का निवासी है। पुलिस उसके वर्तमान ठिकाने की जानकारी जुटाने में लगी है और जल्द ही गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा सकती है।
इधर, परिवहन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेल्ट्रॉन कंपनी को भी पत्र लिखने का निर्णय लिया है। पत्र के माध्यम से कंपनी से स्पष्टीकरण के साथ-साथ संबंधित कर्मी के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात कर्मियों की जवाबदेही तय करना भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सीएम समेत वरीय पदाधिकारी से भोजपुर ट्रक ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवहन विभाग के आंतरिक लेनदेन पर उठा सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद परिवहन विभाग में आंतरिक नियंत्रण प्रणाली और वित्तीय लेन-देन की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर क्या इतनी बड़ी राशि का लेखा-जोखा केवल डाटा इंट्री आपरेटर ही रखता था। इस मामले में अन्य कर्मचारियों और पदाधिकारियों के संलिप्त होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। |
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