सैनिक कालोनी स्थित पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह के निवास से ईडी की जांच के बाद बाहर निकलती गाड़ी। जागरण
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप के सैनिक काॅलोनी स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी पीयूष बिल्डर ग्रुप के साथ कनेक्शन के चलते हुई थी।बृहस्पतिवार रात 11 बजे तक जांच का दौर चला और उसके बाद अधिकारियों को लेकर गाड़ियां बाहर निकलीं। पीयूष बिल्डर ग्रुप के देशभर में कई प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं, कई प्रोजेक्ट एनसीएलटी(नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल) में चल रहे हैं। बिल्डर ग्रुप के खिलाफ ईडी पहले से मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है।
फरीदाबाद में भी पीयूष बिल्डर पर लोगों के पैसे हड़पने के मुकदमे दर्ज हैं। ईडी अधिकारियों के जाने के बाद पूर्व मंत्री के पुत्र और बड़खल विस क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ चुके विजय प्रताप ने बताया कि साल 2007 में पीयूष बिल्डर के साथ एनआइटी दशहरा मैदान के पास मेट्रो सिनेमा की जमीन को लेकर साझेदारी की थी।
इसमें जमीन विजय प्रताप ने उपलब्ध कराई जबकि बिल्डिंग बनाने का काम पीयूष बिल्डर का था। यहां पीयूष महेंद्रा नाम से माल बनकर तैयार हो गया और चल रहा है। चूंकि ईडी पीयूष बिल्डर ग्रुप के सभी प्रोजेक्ट की जांच कर रही है। ऐसे में इस शाॅपिंग माल से संबंधित कागजात हासिल करने के लिए ईडी की टीम आई थी। विजय प्रताप का कहना है कि उन्होंने जमीन व माल से संबंधित सभी कागजात ईडी को उपलब्ध करा दिए हैं। इसके अलावा ईडी को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर ईडी नोटिस देकर उनसे कागजात मांगती तो वे ऐसे ही उपलब्ध करा देते, इसके लिए छापेमारी की जरूरत नहीं थी।
बता दें कि प्रदेश सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल और उसके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महेंद्र प्रताप सिंह के निवास पर ईडी की टीम बृहस्पतिवार सुबह छह बजे पहुंची थी और रात 11 बजे तक जांच होती रही। उनके पुत्र विजय प्रताप सिंह भी 2019 व 2024 में बड़खल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
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