फरीदाबाद के अटाली गांव में अमृत सरोवर योजना के तहत बना तालाब। जागरण
सुभाष डागर, बल्लभगढ़। गिरते भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए जलाशय बड़ा सहारा साबित होते हैं। लोगों में जागरूकता का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता की वजह स गांवों में जलाशय कह लो या पोखर, तालाब आदि यह सब लुप्त प्राय: होते चले गए।
इससे गांवों में भी भूजल का संकट होने लगा। इसी संकट को देखते-समझते हुए केंद्र सरकार ने अप्रैल-2022 में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत तालाबों के पुनरुद्धार की घोषणा की थी। इसके तहत प्रत्येक जिले में 75 तालाब बनाने की योजना थी।
इनमें कुछ जिलों में तालाबों ने नया रूप लिया भी और कहीं-कहीं अब भी योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है, पर अब प्रदेश सरकार इससे आगे बढ़ कर ग्राम सभाओं के माध्यम से हर गांव में अमृत सरोवर बनाकर जल संरक्षण बढ़ाने की दिशा में बढ़ रही है।
सत्यापित भी ग्रामीणों से कराया जाएगा
इसके तहत प्रदेश में हर गांव में ग्राम सभा की विशेष बैठक 17 जनवरी को आयोजित कर रही है, जिसमें कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास योजना, जन स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग के तहत मिले अनुदान से कराए गए विकास कार्यों की जानकारी तो दी ही जाएगी कि योजनाओं का लाभ पात्रों को मिला है या नहीं, पर इसमें विशेष तौर अमृत सरोवर बनाने पर भी चर्चा होगी। जिन गांवों में अमृत सरोवर योजना के तहत काम किया गया है, उसके बारे में ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी और सत्यापित भी ग्रामीणों से कराया जाएगा।
12 गांवों में ग्रामसभाओं का आयोजन
ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों के हिसाब से फरीदाबाद सबसे छोटा है, जिसमें 100 ग्राम पंचायत हैं जबकि यमुनानगर सबसे बड़ा है, जिसमें 489 पंचायत हैं। अपने यहां 100 ग्राम पंचायतों में 44 में 17 जनवरी को , 44 में ही 18 जनवरी को और 24 जनवरी को 12 गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
इसी योजना के अनुसार अब ग्राम सभा की बैठकों में चर्चा की जाएगी और सभी गांवों में अमृत सरोवर बनाने के लिए अनुदान की मांग की जाएगी। यह बता दें कि सरकार ने ग्राम सभा को मजबूत बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब ग्राम सभा की बैठक में गांव की आबादी का 40 प्रतिशत उपस्थित होने का प्रविधान है। यदि इतने ग्रामीण एकत्रित नहीं होते हैं गांव की आबादी का 20 प्रतिशत ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित होना जरूरी है।
अपने जिले में 12 गांवों में बने हैं 26 अमृत सरोवर
अमृत सरोवर योजना के तहत जिले के 12 गांवों में 26 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। योजना के तहत लाखों रुपये का अनुदान खर्च किया गया है। यहां से पानी को कृषि क्षेत्र में भी प्रयोग किया जा रहा है। नालियों और वर्षा के पानी का संरक्षण किया जा रहा है।
दक्षिण हरियाणा में हैं 1549 ग्राम पंचायतें
पूरे हरियाणा प्रदेश की बात करें तो प्रदेश में 6205 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि दक्षिण हरियाणा के छह जिलों में 1549 हैं, इनमें फरीदाबाद में 100, गुरुग्राम में 156, महेंद्रगढ़ में 342, नूंह में 324, पलवल में 263, रेवाड़ी में 364 हैं और राजधानी के साथ लगते सोनीपत जिले में 317 ग्राम पंचायतें हैं।
“ग्राम सभा की विशेष बैठकों में सभी सरकारी विभागों और अमृत सरोवर योजना के तहत मिले अनुदान से कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। योजनाओं का लाभ पात्रों को मिला है या नहीं यह भी पता लगाया जाएगा। अमृत सरोवर बनाने की योजना के लिए ग्राम सभाओं को साथ में जोड़ने का मकसद यह है कि अधिक से अधिक संख्या में लोग जुड़ें, जागरूक हों और काम तेजी से पूरा हो।“
-अंशु डागर, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी
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