प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सेक्टर-37 क्षेत्र में मिले 27 वर्षीय युवक के शव के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मृतक के ही साथी को गिरफ्तार किया है, जिसने उधार दिए गए 15 हजार रुपये वापस न मिलने की रंजिश में योजनाबद्ध तरीके से दोस्त की हत्या की थी। आरोपित ने पहले गला दबाकर और फिर ब्लेड से गला व हाथों की नसें काटकर वारदात को अंजाम दिया।
शव को पहचान के लिए मोर्चरी भिजवाया
पुलिस के अनुसार, बीती आठ जनवरी को थाना सेक्टर-10 पुलिस को सूचना मिली थी कि शनि मंदिर फायर ब्रिगेड के पीछे, सेक्टर-37 की खाली जगह में एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने एफएसएल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डाॅग स्क्वायड की मदद से जांच की और शव को पहचान के लिए मोर्चरी भिजवाया। मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर परिजनों से संपर्क किया गया। अगले दिन मृतक के पिता ने शव की पहचान उत्तर प्रदेश के कानपुर के मीरपुर कैंट निवासी फेसल इदरीसी (27) के रूप में की।
सरस्वती एन्क्लेव से गिरफ्तार कर लिया
मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से फेसल से संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस द्वारा शुरुआती जांच में स्वजन द्वारा लगाए गए आरोपों की गहन पड़ताल की गई, लेकिन वे निराधार पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और सूचनाओं के आधार पर नए सिरे से जांच शुरू की। निरीक्षक कुलदीप के नेतृत्व में टीम ने साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपित की पहचान उत्तर प्रदेश के रायबरेली के सतीश तिवारी (25) के रूप में की, जिसे गुरुवार को सरस्वती एन्क्लेव से गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों दोस्त गुरुग्राम में चलाते थे रैपिडो बाइक
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह और फेसल दोनों गुरुग्राम में रैपिडो बाइक चलाते थे। आरोपित ने फेसल को लोन दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये दिए थे, जो वह वापस नहीं कर रहा था। बीती 24 दिसंबर को आरोपित ने शराब पीने के बहाने फेसल को बुलाया। योजना के तहतउसने फेसल को अधिक शराब पिलाई, रास्ते में बाइक से गिराया और झाड़ियों में ले जाकर गला दबाया। बाद में ब्लेड से गला और नसें काटकर हत्या कर दी।
मृतक का मोबाइल चुराकर हो गया फरार
शव को थर्मोकोल से ढककर वह मृतक की बाइक और मोबाइल लेकर फरार हो गया। आरोपित ने मृतक के मोबाइल के जरिए यूपीआई से लेनदेन भी किया और बाइक को रायबरेली में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान बरामदगी और आगे की पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच जारी है। |