UP Board ने शिक्षा सत्र 2026 से छात्र-छात्राओं को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है।
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने छात्र-छात्राओं को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। शैक्षिक सत्र 2026 से कक्षा नौ और कक्षा 11 में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य किए जाने के क्रम में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसमें हर विद्यार्थी को कोई एक जाब रोल पढ़ना अनिवार्य है। इसमें आइटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रानिक्स, एपेरल तथा ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे कई प्रमुख ट्रेड्स शामिल हैं। इन ट्रेड्स के अनुमोदित पाठ्यक्रम विषय समितियों ने तैयार कर शुक्रवार को यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह को सौंप दिए।
जाब रोल आधारित पाठ्यक्रमों के विकास के लिए विषय-विशेषज्ञों ने यूपी बोर्ड मुख्यालय में कई चरणों में बैठक कर विचार-विमर्श किए। अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह एवं स्कंद शुक्ल के निर्देशन तथा उप सचिव डाॅ आनंद कुमार त्रिपाठी के संयोजन में वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं, उद्योग जगत की अपेक्षाओं और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को केंद्र में रखकर पाठ्यक्रम का निर्माण पूरा कर लिया गया।
पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण, कौशल आधारित शिक्षण और रोजगारोन्मुख विषय-वस्तु को विशेष रूप से शामिल किया गया है, ताकि छात्र विद्यालय स्तर से ही व्यावसायिक कार्यक्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को समझ सकें। इससे विद्यार्थियों में कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और व्यावसायिक दक्षता को बढ़ावा मिलेगा। उद्देश्य यह है कि शिक्षा सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहे। इसे रोजगार से जोड़ा जा सके।
बोर्ड सचिव ने कहा है कि भविष्य में अन्य व्यवसायिक ट्रेड्स के पाठ्यक्रम विकसित करने का कार्य भी गतिमान है। पाठ्यक्रमों के निर्माण में केंद्रीय व्यवसायिक शिक्षा संस्थान भोपाल के सहयोग के साथ-साथ विभिन्न विषय विशेषज्ञों का योगदान रहा। इनमें संजीव कुमार आर्य वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी, वीरेंद्र नाथ शुक्ला, डा अदिति गोस्वामी, डा दिलीप सिंह, डा अविनाश पांडेय सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। |