मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ के निर्देश
राज्य ब्यूराे, जागरण, लखनऊ : उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने विभागीय स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव किया है। इसका आदेश बीती 14 जनवरी काे जारी किया गया है। वर्ष 2019 बैच तक भर्ती उप निरीक्षक और आरक्षी के सामान्य मामलों में अनुकंपा के आधार पर स्थानांतरण पर विचार होगा।
मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस स्थापना बोर्ड ने निर्णय लिया है कि कोई भी निरीक्षक या उप निरीक्षक अपने गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद या सीमावर्ती जनपद में तैनात नहीं किया जाएगा। विभागीय स्थानान्तरण नीति 22 जून 2017 में निहित व्यवस्थानुसार नागरिक पुलिस के किसी भी निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक को उनके गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद या गृह जनपद के सीमावर्ती जनपद और मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी को उनके गृह जनपद/ गृह जनपद के सीमावर्ती जनपद में नियुक्त नहीं किया जायेगा।
गृह परिक्षेत्र, जनपद या आसपास तैनाती नहीं होगी
स्थानांतरण नीति में एक और महत्वपूर्ण और दूरगामी बदलाव निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की तैनाती से संबंधित है। अब कोई भी निरीक्षक या उप निरीक्षक अपने गृह परिक्षेत्र, जनपद या सीमावर्ती जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। यह नियम पुलिसकर्मियों को स्थानीय प्रभावों और संभावित हितों के टकराव से दूर रखने, उनकी निष्पक्ष कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी निष्पक्षता को बनाए रखने के मकसद से लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त, किसी भी स्थानांतरण अनुरोध के लिए मुख्यालय डीजीपी यूपी, लखनऊ में उपस्थित होने की अनुमति के साथ अपनी सर्विस का पूरा विवरणदेना भी अनिवार्य कर दिया गया है. इन सख्त नियमों का लक्ष्य न केवल व्यक्तिगत अनुरोधों को विनियमित करना है, बल्कि पूरे विभाग में एक अधिक समान, जवाबदेह और प्रभावी तैनाती व्यवस्था स्थापित करना भी है।
2019 के बाद के भर्ती कर्मियों के नियम सख्त
वर्ष 2019 बैच तक भर्ती हुए उप निरीक्षकों और आरक्षियों के सामान्य मामलों में अभी भी अनुकंपा आधार पर स्थानांतरण पर विचार किया जा सकेगा, जो कि पहले से चली आ रही प्रथा का हिस्सा है। वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए उप निरीक्षकों और आरक्षियों के लिए अनुकंपा स्थानांतरण केवल तभी संभव होगा जब पति और पत्नी दोनों पुलिस विभाग में नियुक्त हों। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो ऐसे मामलों को खास बनाता है। ऐसे मामलों में, आवेदन के साथ पति-पत्नी दोनों के पुलिस परिचय पत्र की पठनीय छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा, ताकि पात्रता की पुष्टि की जा सके। यह प्रावधान पारिवारिक परिस्थितियों और विभागीय आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है।
पारदर्शिता के साथ उपलब्धता और दक्षता पर भी ध्यान
विभाग ने यह कदम पुलिसकर्मियों की तैनाती में न केवल पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि पुलिस बल की उपलब्धता और दक्षता राज्य भर में समान रूप से बनी रहे. नई नीति के प्रमुख बिंदुओं में से एक अनुकंपा स्थानांतरण के लिए निर्धारित की गई शर्तें हैं।
अनुकंपा के आधार पर ट्रांसफर नियम हुए सख्त
इस नई नीति के तहत अनुकंपा के आधार पर होने वाले ट्रांसफर के नियमों को अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया गया है। इसके साथ ही कुछ महत्वपूर्ण प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। |