नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ का इंतजार पिछले साल से किया जा रहा है। इसी कड़ी में एनएसई के पब्लिक इश्यू को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। दरअसल, SEBI चीफ तुहिन कांता पांडे ने 16 जनवरी को कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO के लिए NOC (नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) शायद इस महीने के आखिर में दे दी जाएगी।
तुहिन कांता पांडे ने एक इवेंट में कहा, “पहले ही बताया जा चुका है कि NOC (NSE IPO के लिए) शायद इस महीने के आखिर में दी जाएगी।“ IFCI के पास अभी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में मेजॉरिटी ओनरशिप के ज़रिए NSE में लगभग 2.35% का असरदार, इनडायरेक्ट हिस्सा है।
SEBI जता चुका है सेटसमेंट के लिए सहमति
इससे पहले सेबी प्रमुख ने कहा था, “सैद्धांतिक रूप से हम सेटलमेंट के लिए सहमत हैं,“ जिससे इस बात की संभावना बढ़ गई थी कि NSE के लंबे समय से अटके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए एक बड़ी रेगुलेटरी बाधा दूर हो गई है।
इससे पहले तुहिन कांता पांडेय ने बताया था कि यह प्रोसेस एडवांस्ड स्टेज पर है। NOC मिलने के बाद NSE लिस्टिंग के लिए फॉर्मल कदम उठा पाएगा, जिसमें अपने ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल करना शामिल है।
NOC मिलने के बाद IPO आने में कितना टाइम लगेगा?
संवाद 2026 इवेंट के मौके पर NSE के MD और CEO आशीष चौहान ने कहा, “लिखित नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने के बाद IPO में कम से कम 6-8 महीने लगेंगे।“ आशीष चौहान ने कहा, “NOC मिलने के बाद DRHP तैयार करने में 3-4 महीने लगेंगे। SEBI की रिव्यू और क्वेरी प्रोसेस में और 2-4 महीने लग सकते हैं।“
अगर NSE का वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा होता है, तो SHCIL के ज़रिए NSE में IFCI के असरदार हिस्से की वैल्यू लगभग 13,000 करोड़ रुपये होगी, जो IFCI के अपने मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 16,400 करोड़ रुपये के मुकाबले एक बड़ी रकम है।
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लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी जैसी इंश्योरेंस कंपनियों की इसमें क्रमशः 10.72%, 1.64% और 1.42% हिस्सेदारी है। |
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