बुजुर्ग महिला की मौत (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। गुरुवार को निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इसके साथ ही इस भयावह कांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।
मृतका की पहचान भागीरथपुरा निवासी सुभद्रादाई पंवार (78) के रूप में हुई है। उनके पति बसंतराव पंवार हैं। परिजनों का कहना है कि सुभद्रादाई दूषित पानी के सेवन से फैले डायरिया की चपेट में आई थीं, जिसकी वजह से उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। बेटे मनीष पंवार ने इलाज में लापरवाही का आरोप भी लगाया है।
31 दिसंबर को किया था डिस्चार्ज
परिजनों के अनुसार सुभद्रादाई की तबीयत 27 दिसंबर से खराब होने लगी थी। उल्टी-दस्त की शिकायत पर पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 29 दिसंबर की रात हालत गंभीर होने पर चरक अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद 31 दिसंबर को उन्हें छुट्टी दे दी गई।
5 जनवरी को पुन: बिगड़ी तबीयत
पांच जनवरी को तबीयत दोबारा बिगड़ने पर परिजन फिर चरक अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां से उन्हें शेल्बी अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि शेल्बी अस्पताल में उल्टी-दस्त की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया और मरीज को लौटा दिया गया।
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इसके बाद आठ जनवरी की रात सुभद्रादाई को बड़ा गणपति क्षेत्र के पास स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
भागीरथपुरा में लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि इलाके के लोग अब भी स्वच्छ पानी और जिम्मेदार इलाज की मांग कर रहे हैं।
डायरिया होने से पहले मेरी मां पूरी तरह स्वस्थ थीं और दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा हमको भुगतना पड़ा।
- मनीष, मृतका का बेटा |
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