कस्तूरबा स्कूलों में खुलेंगी एआई व आईसीटी लैब
जागरण संवाददाता, चंदौली। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की बेटियों के लिए शिक्षा का नया अध्याय शुरू होने जा रहा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अत्याधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब स्थापित की जाएंगी।
इसका उद्देश्य छात्राओं को प्रारंभिक स्तर से ही तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे डिजिटल युग की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
जनपद में नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैं। इनमें गरीब परिवार अथवा शिक्षा छोड़ चुकीं 1,080 छात्राएं आवासीय अध्ययनरत हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रयोगशाला के माध्यम से छात्राओं को कंप्यूटर संचालन, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल टूल्स का प्रयोग, कोडिंग की बुनियादी जानकारी व एआई की मूल अवधारणाएं सिखाई जाएंगी।
विद्यालयों में स्मार्ट कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया कंटेंट और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे पढ़ाई को रुचिकर और व्यवहारिक बनाया जा सके। संसाधन ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन को भी सशक्त किया जाएगा।
सभी संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे तकनीकी विषयों को सरल भाषा और गतिविधि आधारित तरीके से पढ़ा सकें। इससे छात्राओं में जिज्ञासा बढ़ेगी और वे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ विज्ञान और तकनीक की ओर भी आकर्षित होंगी।
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शिक्षा विभाग की इस पहल से बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार होगा। वे केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक की निर्माता बनने की दिशा में कदम बढ़ाएंगी। तकनीकी शिक्षा से लैस होकर छात्राएं भविष्य में उच्च शिक्षा, स्वरोजगार और आधुनिक करियर विकल्पों के लिए बेहतर रूप से तैयार होंगी।
यह योजना सामाजिक बदलाव की नींव रखेगी। ग्रामीण परिवेश में रहने वाली बालिकाओं को सुविधाएं मिलने से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा और लैंगिक असमानता की खाई भी पाटी जा सकेगी। ये बेटियां अब सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि तकनीक के सहारे अपने सपनों को उड़ान देंगी और जिले का नाम रोशन करेंगी। शासन स्तर से ही नामित कार्यदायी संस्था प्रयोगशाला स्थापित करेगी।
सचिन कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी |
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