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राशन कार्ड की बड़ी जांच
संवाद सूत्र, नगरनौसा(नालंदा)। Nagarnausa Ration Card Notice: नगरनौसा प्रखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपात्र लाभार्थियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) से अनुदानित राशन उठा रहे ऐसे 1569 संदिग्ध राशन कार्डधारियों को नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस विकास मित्रों के माध्यम से घर-घर पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्रखंड क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
अपात्र होने के बावजूद ले रहे थे अनुदानित राशन
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि कई ऐसे लोग भी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीएचएच और अंत्योदय योजना का लाभ ले रहे हैं, जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते। ऐसे लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें नोटिस भेजा गया है, ताकि वे अपना पक्ष स्पष्ट कर सकें।
नोटिस में दर्ज हैं अपात्रता के स्पष्ट मानक
जारी नोटिस में बिहार राज्य खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक है, जिनके पास मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन हैं, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के मालिक हैं, या जो किसी निजी कंपनी में निदेशक के रूप में चिन्हित हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे। इसके बावजूद यदि ऐसे परिवार राशन कार्ड के माध्यम से अनुदानित राशन उठा रहे हैं, तो यह नियमों का उल्लंघन है।
आपत्ति दर्ज कराने का दिया गया अवसर
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन राशन कार्डधारियों को नोटिस पर आपत्ति है, वे अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
इसके लिए निर्धारित समय के भीतर साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई लाभार्थी समय पर जवाब नहीं देता है, तो यह मान लिया जाएगा कि वह पात्र नहीं है।
राशन कार्ड रद्द होने के साथ होगी कानूनी कार्रवाई
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा और लाभार्थी के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसमें पूर्व में उठाए गए अनुदानित राशन की वसूली भी की जा सकती है।
नोटिस से क्षेत्र में बढ़ी हलचल
1569 लाभार्थियों को नोटिस जारी होने के बाद नगरनौसा प्रखंड में खलबली मच गई है। खासकर वे लोग चिंतित हैं, जो अपात्र होने के बावजूद लंबे समय से राशन का लाभ उठा रहे थे।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
प्रशासन की इस सख्ती को पारदर्शिता और न्यायसंगत वितरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। |
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