search

गंगासागर में नारी शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन: एनडीआरएफ की महिला टीम कर रही तीर्थयात्रियों की सुरक्षा

LHC0088 2026-1-16 11:27:57 views 533
  

गंगासागर में तैनात एनडीआरएफ की महिला टीम (फोटो सौजन्य ::: बिमल कर्मकार)



विशाल श्रेष्ठ, जागरण, गंगासागर। वे सजग हैं, मुस्तैद हैं, तभी तीर्थंयात्री निश्चिंत हैं और आराम से पुण्य स्नान कर रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरफ) की महिला टीम मकर संक्रांति पर पुण्य स्नान करने गंगासागर आए लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में दिन-रात जुटी हुई हैं। वे नारी सशक्तीकरण की अद्भुत मिसाल पेश कर रही हैं। ठंडी हवाओं के बीच सागर की लहरों पर रेस्क्यू बोट में वे तैनात हैं। उनका एक ही लक्ष्य है- एक भी तीर्थयात्री डूबने न पाए। इस टीम में कुल 11 महिलाएं हैं। सभी बंगाल के हरिणघाटा सेकंड एनडीआरएफ से हैं। टीम गत सात जनवरी से सागर में तैनात है और जब तक सारे तीर्थयात्री पुण्य स्नान करके लौट नहीं जाएंगे, तब तक डटी रहेगी।
समुद्र की लहरों पर बोट पर तैनात हैं एनडीआरएफ की महिला टीम

टीम की सदस्या मधुमिता पाल ने कहा-\“तीर्थयात्री यहां पुण्य कमाने आते हैं। हमारे लिए सबसे बड़ा पुण्य उनकी जान बचाना है।\“ 28 साल की मधुमिता बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर की रहने वाली है। सेना के प्रति आकर्षण उसे इस फील्ड में खींच लाया।\“
महाराष्ट्र के नागपुर की निवासी 34 वर्षीया सोनम सोनवाने कहती हैं-\“महिलाएं चाहे तो सब कुछ कर सकती हैं, बस मन में दृढ़ निश्चय होना चाहिए।\“
महाराष्ट्र के ही नासिक की रहने वाली 32 साल की वर्षा कापसे ने कहा-\“ मैं अपने परिवार से इस फील्ड में पहली लड़की हूं। माता-पिता मुझे लेकर काफी गर्व महसूस करते हैं। यह देखकर काफी अच्छी अनुभूति होती है।
छत्तीसगढ़ के राजनान गांव की रहने वाली 36 वर्षीय निर्मला ने बताया-\“हम बाढ़, भूकंप व अन्य संकटग्रस्त इलाकों में जाकर राहत व बचाव कार्य करते हैं। इंसानों की जान बचाना ही सबसे बड़ा धर्म है।\“
यह हमारे लिए एक जुनून जैसा है

बंगाल के हुगली जिले के आरामबाग की रहने वाली रिंकू घोष ने बताया- गंगासागर में पुण्य स्नान करने आई बहुत सी लड़कियां हमारे पास आकर कह रही हैं कि हमें भी आपके जैसा बनना है। यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है। कुछ यह भी पूछती हैं कि क्या आपको इतना जोखिम भरा काम करने में डर नहीं लगता? सच कहूं तो यह हमारे लिए एक जुनून जैसा है।\“
एनडीआरएफ की महिला टीम की सदस्याएं लंबे समय तक तैर सकती हैं। वे बोट चलाने में भी माहिर हैं। ये महिलाएं न सिर्फ देश की सेवा कर रही है बल्कि अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वाह कर रही हैं। इनमें से अधिकतर शादीशुदा हैं। उनके बच्चे भी हैं।
गंगासागर में तैनात एनडीआरएफ की पुरुष टीम के सदस्य नितिन मारे ने कहा-\“पुरुष इस काम में जितने सक्षम हैं, महिलाएं भी उतनी ही समर्थ हैं, बल्कि कुछ मामलों में तो वे हमसे भी बेहतर हैं।\“
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
166502