राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में अब देश के प्रतिष्ठित और सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों की कार्यप्रणालियों को लागू किया जाएगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग और बोर्डिंग स्कूल्स एसोसिएशन आफ इंडिया (बीएसएआई) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी होगा।
इससे सर्वोदय विद्यालयों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी आवासीय व्यवस्था भी और अधिक बेहतर होगी। समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण गुरुवार को देहरादून स्थित द दून स्कूल में गुरुवार को बीएसएआई से जुड़े बोर्डिंग स्कूलों के प्राचार्यों के साथ हुई बैठक के यह जानकारी साक्षा की। असीम अरुण ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूलों के सफल अनुभवों को सर्वोदय विद्यालयों तक पहुंचाना है।
वहां की प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था, छात्र कल्याण, अनुशासन, पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों और छात्रों के समग्र विकास से जुड़े माडल को सर्वोदय स्कूलों में भी अपनाया जाएगा। बोर्डिंग सुविधाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्राचार्यों और शिक्षकों की एक टीम बीएसएआई से जुड़े प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण करेगी।
वहां की शिक्षण पद्धति, छात्र देखभाल प्रणाली, छात्रावास प्रबंध और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को देखेगी। जिसके आधार पर सर्वोदय विद्यालयों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि विभाग अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग के साथ अन्य वर्गों के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क आवासीय सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रदेश भर में 125 सर्वोदय विद्यालय का संचालन कर रहा है। नई एसओपी को सभी सर्वोदय विद्यालयों में लागू किया जाएगा। |
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