गणतंत दिवस समारोह की सुरक्षा तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय में पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ बैठक करते पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा। सौजन्य:दिल्ली पुलिस
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर संदिग्धों को लेकर सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग व समन्वय को मजबूत करने तथा समारोह को बिना किसी घटना के संपन्न कराने की तैयारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में अंतर राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया व प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक में विशेष आयुक्त स्पेशल सेल, ट्रैफिक, दोनों जोन के कानून एवं व्यवस्था, इंटेलिजेंस और प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन, सभी रेंज के संयुक्त आयुक्त, सिक्योरिटी, ट्रैफिक, आइएफएसओ, क्राइम, इंटेलिजेंस और सभी जिले, सिक्योरिटी, क्राइम, आइजीआइ, रेलवे और मेट्रो के डीसीपी ने भी भाग लिया।
विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने खुफिया जानकारी और आतंकवाद विरोधी उपायों, जिसमें सीमा जांच, संदिग्ध तत्वों के सत्यापन आदि के बारे में एक दूसरे से जानकारी साझा किया, खुले क्षेत्रों से पैराग्लाइडर, ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
किसी भी संदिग्ध तत्वों व वाहनों की आवाजाही के बारे में अग्रिम जानकारी पर जोर दिया गया। एनसीआर में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोहों, अवैध हथियारों और ड्रग्स तस्करों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यातायात प्रतिबंधों और सीमाओं पर अनधिकृत घुसपैठ को रोकने के उपायों की भी योजना बनाई गई।
अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के सभी अधिकारियों से इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सहयोग और समन्वय करने का अनुरोध किया गया।इस अवसर पर पुलिस आयुक्त ने पहले मिले सहयोग और तालमेल की तारीफ की और इस साल भी इसी तरह के ज़ोरदार तालमेल की उम्मीद जताई।
उन्होंने माडर्न टेक्नोलाजी का इस्तेमाल करके दिल्ली-एनसीआर में साइबर क्राइम, नारकोटिक्स और गैंग्स्टरों खासकर विदेश से काम कर रहे गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने इंटरनेट मीडिया मानिटरिंग और नाबालिगों को क्राइम करने के लिए प्रभावित करने में शामिल करने वाले गिरोहों की पहचान करने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने सभी को साथ मिलकर कार्रवाई करने के लिए ज्वाइंट एक्शन प्लान व रणनीति बनाने पर जोर दिया। |