विकास शुक्ला/ राजीव अग्निहोत्री, लखीमपुर। बजाज चीनी मिल ने किसानों को एक भी नया रुपया दिए बिना ही वर्तमान सीजन का 50 प्रतिशत से अधिक गन्ना खरीद लिया है। जबकि गन्ना किसानों का पिछले सीजन का करोड़ों रुपये गन्ना भुगतान बाकी है। बजाज चीनी मिल से संबंधित किसान पिछले और इस पेराई सत्र के बकाया गन्ना भुगतान की मांग करते हुए भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है, लेकिन अन्नदाता की कोई सुनने वाला नहीं है।
वर्तमान गन्ना सीजन में 10 नवंबर 2025 को बजाज चीनी मिल शुरू हुई थी, लगभग दो महीने से अधिक समय में बजाज चीनी मिल ने किसानों का इस वर्ष का लगभग 50 प्रतिशत से अधिक गन्ना खरीद लिया है। लेकिन किसानों का दर्द यह है कि चीनी मिल ने इस वर्ष खरीदे गए गन्ने का एक नया रुपया भी भुगतान नहीं किया है, जबकि पिछले पेराई सत्र का भी पूरा बकाया गन्ना भुगतान नही हो पाया है।
जिसके कारण गन्ना किसानो की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, मजबूरी में किसान बैंक और इधर, उधर से कर्ज लेकर जैसे तैसे बच्चों की पढ़ाई, शादी, बीमारी, खेती व रोजमर्रा के कार्यों में रुपया खर्च कर जीवन यापन कर रहा है।
वर्तमान सत्र में 69.79 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी है चीनी मिल
चीनी मिल ने 10 नवंबर 2025 से अब तक 69.79 लाख क्विंटल गन्ना खरीद लिया है। जिसकी चीनी मिल को कुल देनदारी 27685.45 लाख रूपये की बनती है। लेकिन वर्तमान पेराई सत्र का भी चीनी मिल ने बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया है।नियमानुसार गन्ना खरीद के 14 दिन में चीनी मिल द्वारा गन्ना किसानों को बकाया गन्ना भुगतान करना चाहिए, अन्यथा की स्थिति में ब्याज के साथ बकाया गन्ना का भुगतान किया जाए।
15 फरवरी तक का ही किया है बकाया भुगतान
पिछले वर्ष के पेराई सीजन में बजाज चीनी मिल ने 129.59 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था।जिसकी कुल देनदारी 47620.44 लाख रूपये थी। जिसमें पिछले वर्ष 15 फरवरी तक का 41582.41लाख रूपये भुगतान किया जा चुका है। अभी भी पिछले वर्ष का 6038.03 लाख रूपये चीनी मिल पर किसानों के बाकी हैं।
15 फरवरी तक का भुगतान कर दिया गया है। बैंक की लिमिट न होने के कारण चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 85 फीसदी गन्ना किसानों को भुगतान किया जा रहा है। बकाया भुगतान शीघ्र करने का प्रयास किया जाएगा। - सतीश श्रीवास्तव, पीआरओ बजाज चीनी मिल |
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