पुलिस की गिरफ्त में साइबर ठगी के आरोपित। स्रोत: पीपीआरओ
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना मानेसर पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन और एक लैपटाप बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपित चाइनीज बास के निर्देशों पर ठगी की रकम को एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर (लेयरिंग) करने का काम करते थे।
पुलिस ने बताया कि 30 सितंबर 2025 को पीड़ित व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध मानेसर में वॉट्सएप ग्रुप और फर्जी मोबाइल एप के माध्यम से स्टाक ट्रेडिंग और आइपीओ में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर धोखाधड़ी की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध प्रियांशु दिवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच करते हुए इस गिरोह तक पहुंच बनाई। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के गांव खोड़ा निवासी विशाल और धर्मेंद्र को गांव से ही गिरफ्तार किया। दोनों आरोपितों से पुलिस रिमांड में पूछताछ के बाद तीसरे आरोपित उत्तर प्रदेश के हापुड़ के खिजरा गांव निवासी असलम को दिल्ली के लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार किया गया।
20 हजार रुपये मासिक वेतन पर कर रहे थे काम
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आया कि इस ठगी के मामले में पीड़ित से ठगी गई राशि में से तीन लाख रुपये रतिक अहमद नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। उस खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का सिम कार्ड आरोपित विशाल के पास था, जिसे बाद में उसने अपने एक अन्य साथी को दे दिया। विशाल और धर्मेंद्र ने स्वीकार किया कि वे आरोपित असलम के लिए काम करते थे और उन्हें 20 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था।
असलम को मिल रहा था ठगी की रकम का एक प्रतिशत कमीशन
आरोपित असलम ने पूछताछ में बताया कि उसने दिल्ली के लक्ष्मी नगर में 20 हजार रुपये मासिक किराये पर कमरा लिया हुआ था और वह साइबर ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करता था, जिसके बदले उसे एक प्रतिशत कमीशन मिलता था।
दो आरोपितों पर पहले से दर्ज हैं ठगी के केस
पुलिस रिकार्ड के अनुसार आरोपित धर्मेंद्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश और दिल्ली में साइबर ठगी के तीन मामले, जबकि असलम के खिलाफ नोएडा में पहले से साइबर ठगी एक मामला दर्ज है। तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। |
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